राहुल को गाजीपुर सीमा पर रोकने से भारी यातायात जाम
यासिर देवेंद्र
- 04 Dec 2024, 04:54 PM
- Updated: 04:54 PM
(तस्वीरों सहित)
नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के संभल जाने से रोकने के लिए बुधवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाजीपुर सीमा के निकट लगाए गए भारी अवरोधकों को तोड़कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वहां एकत्र होने से यातायात जाम हो गया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को संभल जाते समय गाजीपुर सीमा पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक लिया।
प्रियंका गांधी वाद्रा समेत विपक्षी पार्टी के नेता दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर करीब दो घंटे तक रहने के बाद वापस दिल्ली लौट गए।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अवरोधक लगा दिए और वाहनों की जांच की। दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाले मार्ग पर भारी भीड़ होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि दूसरा मार्ग खुला हुआ था, लेकिन वहां भी यातायात बहुत अधिक बाधित होने के कारण वाहन धीमी गति से चलते हुए नजर आये।
पुलिस द्वारा निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए गांधी को रोके जाने पर कांग्रेस की युवा शाखा के सदस्यों ने नारेबाजी की और पार्टी के झंडे लहराए।
अवरोधकों के निकट हुई झड़प को देखते हुए प्रथमदृष्टया ऐसा लगा जैसे कि सीमा पर कुछ यात्री और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए हों।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्वतंत्र कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमें राजमार्ग पर लोगों के एकत्र होने की सूचना मिली है और हमने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है।’’
संभल में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 (उपद्रव या खतरे की आशंका में आदेश जारी करने की शक्ति) के तहत प्रतिबंध 31 दिसंबर तक बढ़ा दिए गए हैं। पहले यह प्रतिबंध रविवार को समाप्त होना था।
इससे पहले गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम राहुल गांधी को संभल जाने की अनुमति नहीं देंगे क्योंकि वहां प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर रखी है। पुलिस गांधी को ‘यूपी गेट’ पर रोकेगी।’’
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यातायात को नियंत्रित करने के लिए सीमा पर पुलिस बल तैनात किया गया है और मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है।
करीब आधे घंटे तक जाम में फंसे नोएडा निवासी आशीष सक्सेना ने कहा, ‘‘मैं रेलवे स्टेशन से लौट रहा था और इस जाम में फंस गया। अगर मुझे इस बारे में पता होता तो मैं घर जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता अपनाता।’’
संभल की एक अदालत ने 19 नवंबर को एक मुगल कालीन मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश दिया था और उसी दिन एक टीम ने वहां सर्वेक्षण किया था। तभी से वहां तनाव की स्थिति है। दावा किया गया था कि मस्जिद वाले स्थान पर पहले हरिहर मंदिर था।
उसके बाद 24 नवंबर को दोबारा सर्वेक्षण के दौरान प्रदर्शनकारियों के शाही जामा मस्जिद के पास एकत्र होने और सुरक्षा कर्मियों से भिड़ जाने के दौरान हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य घायल हो गए थे।
भाषा यासिर