तेल क्षेत्र (नियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक रास में पेश
मनीषा अविनाश
- 03 Dec 2024, 02:55 PM
- Updated: 02:55 PM
नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) तेल और गैस उत्पादकों के लिए नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करने, जीवाश्म ईंधन उत्पादन के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता को अनुमति देने और पट्टे की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव वाले तेल क्षेत्र (नियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक 2024 पर मंगलवार को राज्यसभा में चर्चा शुरू हुई।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भोजनावकाश के बाद उच्च सदन में तेल क्षेत्र (नियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक 2024 विचार करने तथा पारित करने के लिए पेश किया।
उन्होंने विधेयक पेश करते हुए कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए ऊर्जा एक अहम तत्व होता है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि में इसका अहम योगदान है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में कई चुनौतियां हैं तथा कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव आया है। उन्होंने कहा कि खुदरा कीमतें अब कम हुई हैं।
पुरी ने कहा कि बीते कुछ बरस में पड़ोस में ऐसे हालात बने कि तेल की उपलब्धता को लेकर संकट उत्पन्न हुआ।
उन्होंने कहा ‘‘हमारे लिए तेल की उपलब्धता और उसकी खपत में अंतर है। हम अभी तीन करोड़ मीट्रिक टन कच्चा तेल और 36.5 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस का सालाना उत्पादन करने हैं। हमारी खपत 23.50 करोड़ मीट्रिक टन कच्चा तेल और 36 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस है। मांग और उपलब्धता में अंतर है।’’
मंत्री ने कहा कि तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है और हालात बदल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जरूरी है। इसलिए हमें इस क्षेत्र में खोज और उत्पादन बढ़ाना होगा। कई कदम उठाए गए हैं। तेल की खोज और उत्पादन में भारी निवेश की जरूरत होती है और लंबा समय भी लगता है। परिणाम पांच से दस साल में मिलते हैं। ’’
उन्होंने कहा कि यह संशोधन घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से लाया गया है।
उनके अनुसार, तेल की खोज करने वाले ऑपरेटर के तय कार्यकाल, अवसंरचना में सुधार एवं उन्नयन, ऑपरेटर के विवाद का तय समय में समाधान, जेल की सजा के बजाय आर्थिक जुर्माने जैसे प्रावधान प्रस्तावित संशोधन में हैं।
विधेयक में तेल और गैस उत्पादकों के लिए नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करना, जीवाश्म ईंधन उत्पादन के क्षेत्रों पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता को अनुमति देना और पट्टे की अवधि बढ़ाने का प्रावधान है।
विधेयक में 'पेट्रोलियम लीज' शुरू करने का प्रस्ताव है और खनिज तेलों की परिभाषा का विस्तार करते हुए इसमें कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, कोल बेड मीथेन, ऑयल शेल, शेल गैस, शेल ऑयल, टाइट गैस, टाइट ऑयल और गैस हाइड्रेट को शामिल किया गया है।
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