मेरी जिंदगी एक 'खुली किताब' है: भाजपा नेता नवीन जिंदल
नेत्रपाल मनीषा
- 01 Apr 2024, 05:13 PM
- Updated: 05:13 PM
चंडीगढ़, एक अप्रैल (भाषा) उद्योगपति एवं भाजपा नेता नवीन जिंदल ने कहा है कि उनका जीवन एक "खुली किताब" है और लोग उन पर भरोसा करते हैं तथा उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है।
उनकी यह प्रतिक्रिया कथित कोयला घोटाले से जुड़े आरोपों पर आई।
हाल में, कांग्रेस छोड़कर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए जिंदल ने रविवार को कैथल में चुनाव प्रचार किया। भाजपा ने उन्हें कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है।
कथित कोयला घोटाले में लोगों द्वारा उनका नाम लिए जाने के संबंध में एक सवाल के जवाब में जिंदल ने कहा कि लोगों और मीडिया को हर तरह के सवाल पूछने का अधिकार है।
उन्होंने कहा, "मेरा जीवन एक खुली किताब की तरह है। हम साधारण लोग हैं। मेरे (दिवंगत) पिता (ओ. पी. जिंदल) ने कड़ी मेहनत की। मेरे भाइयों ने भी बहुत मेहनत की और हमने कई कारखाने स्थापित किए जिनमें लाखों लोगों को रोजगार मिला है। पिछले 20 वर्षों के दौरान हमने सरकार को करोड़ों रुपये का कर जमा कराया है।’’
जिंदल ने कहा, ''हरियाणा की धरती पर जन्म लेकर हमने देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है।''
उन्होंने कहा, "हमने हर क्षेत्र में काम किया है। और जब कोई काम करता है, तो कभी-कभी कुछ (लोग) मुद्दे उठाते हैं। लेकिन अंत में, सच्चाई सबके सामने आती है। मुझे लगता है कि सच्चाई आप सभी के सामने है। दस साल से अधिक समय हो गया है। कोई किसी पर भी आरोप लगा सकता है, लेकिन मैं जानता हूं कि लोगों को मुझ पर भरोसा है और मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। और अंत में यह सभी को स्पष्ट हो जाएगा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।’’
दिल्ली की एक अदालत ने कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं से संबंधित तीन मामलों में आरोपी जिंदल को इस साल एक से 20 फरवरी तक अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई देशों की यात्रा करने की अनुमति दी थी।
कांग्रेस सांसद के रूप में 2004 से 2014 तक लोकसभा में कुरुक्षेत्र निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले जिंदल ने विपक्षी पार्टी को छोड़कर 24 मार्च को भाजपा का दामन थाम लिया था।
हरियाणा की सभी दस लोकसभा सीट पर छठे चरण में 25 मई को मतदान होगा।
जिंदल के भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सत्तारूढ़ पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा था, "जब आपको एक बड़ी वॉशिंग मशीन की जरूरत होती है, तो यही होता है।’’
उन्होंने जिंदल पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘पिछले दस साल में पार्टी में कोई योगदान नहीं देने के बाद यह कहना कि मैं इससे इस्तीफा दे रहा हूं, एक बड़ा मजाक है।’’
भाषा नेत्रपाल