अगर मैं जीतता हूं तो संसद में नगा लोगों की आवाज बनूंगा : पीडीए उम्मीदवार मुरी
धीरज मनीषा
- 01 Apr 2024, 05:10 PM
- Updated: 05:10 PM
(नारायण बहादुर)
कोहिमा, एक अप्रैल (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) में सहमति से चुने गए लोकसभा उम्मीदवार चुमबेन मुरी ने कहा कि अगर वह चुनाव में नगालैंड से चुने जाते हैं तो संसद में नगा राजनीति से जुड़े मुद्दों, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), समान नागरिक संहिता (यूसीसी), मुक्त आवाजाही व्यवस्था (एफएमआर) को लेकर चिंताएं और विकास की जरूरतों को लेकर आवाज उठाएंगे।
नगालैंड की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को मतदान होगा। इस सीट से तीन उम्मीदवार हैं जिनमें मुरी के अलावा कांग्रेस के एस सुपोंगमेरेन जमीर और निर्दलीय हेइथुंग तुंगो लोथा शामिल हैं।
मुरी ने ‘पीटीआर्इ-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘ यदि मैं राज्य के 60 विधायकों के सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में चुना जाता हूं, तो मैं उनकी बुद्धिमत्ता का प्रतिनिधित्व करूंगा और नगा राजनीतिक मुद्दे के समाधान पर विशेष तौर पर गौर करूंगा । साथ ही मैं राज्य से संबंधित मुद्दों पर लोगों की आवाज भी बनूंगा।’’
नगालैंड की एकमात्र संसदीय सीट के लिए नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के आधिकारिक उम्मीदवार मुरी ने नगा मुद्दे पर कहा, ‘‘हम केंद्र के साथ सीधे बातचीत नहीं करेंगे, लेकिन साथ ही हमें लोगों की समाधान की इच्छा को भी बनाए रखना होगा।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में कथित तौर पर ईसाइयों पर अत्याचार के मुद्दे के भरोसे है और उसका नारा कमोबेश भाजपा विरोधी है, लेकिन ‘‘हम (एनडीपीपी) एक क्षेत्रीय दल हैं और हम नगालैंड के लोगों और उन मुद्दों का प्रतिनिधित्व करेंगे जो हम सभी से संबंधित हैं।’’
मुरी ने कहा, ‘‘ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार एक केंद्रवादी सरकार है इसलिए वह देश की जरूरतों के मुताबिक कानून बनाती है लेकिन कभी-कभी ऐसे फैसले हमारी जैसी अनूठी संरचना के अनुरूप नहीं होते हैं। हमारा एक अनोखा इतिहास है और एक पूरी तरह से अलग संस्कृति और प्रथागत प्रणाली भी है।’’
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार यूसीसी और सीएए को लागू करने के भाजपा सरकार के फैसले का विरोध नहीं कर सकता है। इस संबंध में मुरी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 371(ए) के तहत नगा अपने तरीके से जीवन यापन करने के लिए सुरक्षित हैं लेकिन यूसीसी का इस व्यवस्था से टकराव है और इसलिए नगा को इससे छूट देनी होगी।
मुरी ने विश्वास और खुशी जताई कि केंद्र ने भरोसा दिया है कि नगालैंड को यूयीसी से अलग जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यूसीसी और भारत-म्यांमा सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था को खत्म करने जैसे मुद्दे हैं जिन्हें नगा राजनीतिक मुद्दे के अलावा संसद में उठाया जाएगा।’’
भाषा धीरज