योगी की तरह ‘भूमि जिहादियों’ को सबक सिखाये मुख्यमंत्री धामी: भाजपा विधायक टी राजा
धीरज
- 01 Dec 2024, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
(तस्वीरों के साथ)
उत्तरकाशी, एक दिसंबर (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय की सख्ती के बीच रविवार को यहां हुई महापंचायत में तेलंगाना के गोशामहल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक टी. राजा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तर प्रदेश के उनके समकक्ष योगी आदित्यनाथ की तरह ‘भूमि जिहादियों’ को सबक सिखाने को कहा।
राजा ने यहां एक मस्जिद के खिलाफ रामलीला मैदान में हिंदूवादी संगठन ‘देवभूमि विचार मंच’ की ओर से आयोजित महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि वह हैदराबाद से यहां मुख्यमंत्री धामी से कहने आए हैं कि वह योगी आदित्यनाथ से चाय पर चर्चा करें।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में योगी जी जिस प्रकार से भूमि जिहादियों को सबक सिखाते हैं, आपको (धामी) भी उत्तराखंड में कुछ बुलडोजर खरीदने की आवश्यकता है।’’
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मस्जिद को लेकर जारी विवाद के मद्देनजर मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को उत्तरकाशी जिला प्रशासन को शहर में कानून और व्यवस्था कायम रखने को कहा था।
याचिका में रविवार की महापंचायत की अनुमति नहीं देने का भी अनुरोध किया गया था जिसपर राज्य सरकार ने अदालत से कहा था कि इसकी अनुमति नहीं दी गई है। लेकिन जिला प्रशासन ने शुक्रवार को महापंचायत की सशर्त अनुमति दे दी थी।
राजा ने धामी को प्रदेश के एक करोड़ हिंदुओं का समर्थन होने का दावा करते हुए कहा कि उन्हें उनकी भावनाएं समझनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘वे (हिंदू) भूमि जिहाद मुक्त उत्तराखंड चाहते है। उत्तराखंड स्वर्ग है लेकिन उसे नर्क बनाने का जो षडयंत्र भूमि जिहादियों द्वारा किया जा रहा है, हमारे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को सावधान होकर उन सभी को सबक सिखाने की आवश्यकता है।’’
राजा ने महापंचायत में मौजूद लोगों से कहा कि जो राजनीतिक दल उनसे वोट मांगने आएं, वे उन्हें यह अहसास करवा दें कि चुनाव जीतने के लिए उन्हें ‘भूमि जिहादियों’ को वहां से खदेड़ना होगा।
उन्होंने नौजवानों से कहा कि यह केवल उत्तरकाशी का नहीं बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड का मुद्दा है और ‘‘भूमि जिहाद व लव जिहाद’’ से बचने के लिए सबकों एक होने की जरूरत है।
राजा ने कहा, ‘‘यह बात आप यहां के एक करोड़ हिंदुओं के दिमाग में बैठा दो कि हम एक हैं और 25 लाख जो रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को जो मार के भगाएगा, हमारा आशीर्वाद उनको मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि जो अवैध तरीके से मस्जिदें बन रही हैं, उन्हें रोके जाने की जरूरत हैं। भाजपा विधायक ने कहा कि यह लड़ाई कानूनी तरीके से भी लड़ी जाएगी।
कड़ी सुरक्षा में हुई महापंचायत में गंगोत्री से भाजपा विधायक सुरेश चौहान तथा हिंदूवादी नेता स्वामी दर्शन भारती भी शामिल हुए।
चौहान ने कहा कि प्रदेश की धामी सरकार ने ‘भूमि जिहाद और लव जिहाद’ पर कड़े कदम उठाए हैं और यह आगे भी जारी रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरकाशी को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा तथा यहां से मांस-मछली और शराब की दुकानें हटायी जाएंगी।
महापंचायत में ‘लव जिहाद’, ‘भूमि जिहाद’, अवैध अतिक्रमण और बाहरी राज्यों से आए लोगों के खिलाफ जांच की मांग उठाई गयी।
सुन्नी समुदाय की यह मस्जिद दशकों पहले बनी थी। हालांकि, हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि मस्जिद अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनी हुई है।
इससे पहले, अक्टूबर में हिंदूवादी संगठनों ने मस्जिद को ढहाए जाने की मांग को लेकर एक रैली भी निकाली थी।
पुलिस द्वारा रैली को भटवाड़ी मार्ग पर जाने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पथराव किया था और इस दौरान पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा था।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प में सात पुलिसकर्मियों समेत 27 व्यक्ति घायल हो गए थे।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मस्जिद को लेकर जारी विवाद के मद्देनजर बुधवार को उत्तरकाशी जिला प्रशासन को शहर में कानून और व्यवस्था कायम रखने तथा इस संबंध में स्थिति से अदालत को भी अवगत कराते रहने के आदेश दिए थे।
उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ये आदेश मस्जिद की सुरक्षा को लेकर उत्तरकाशी के संगठन ‘अल्पसंख्यक सेवा समिति’ द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए थे जिसने आरोप लगाया गया था कि कुछ संगठन मस्जिद को 'अवैध' बताते हुए उसे ध्वस्त कने की धमकी दे रहे हैं।
याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी प्रार्थना की थी कि रविवार को मस्जिद के विरोध में प्रस्तावित महापंचायत की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से न्यायालय में पेश उप महाधिवक्ता जेएस विर्क ने पीठ को सूचित किया था कि जिला प्रशासन ने प्रस्तावित महापंचायत को अनुमति नहीं दी है।
उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि शहर में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए दिन रात गश्त की जा रही है और शहर में स्थिति सामान्य है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख पांच दिसंबर तय की है।
जिला प्रशासन ने शुक्रवार को हिंदुवादी संगठनों को महापंचायत करने की अनुमति 15 शर्तों के साथ दी थी जिसमें नफरती भाषण न दिए जाने, रैली नहीं निकालने, यातायात बाधित नहीं करने, धार्मिक भावनाएं नहीं भड़काने और शांति और व्यवस्था कायम रखने जैसी शर्ते शामिल थीं।
भाषा सं दीप्ति