अजमेर दरगाह शरीफ मामले में न्यायालय का जो भी निर्णय होगा उसे सभी को मानना होगा : राजेन्द्र राठौड़
धीरज
- 01 Dec 2024, 10:45 PM
- Updated: 10:45 PM
जयपुर, एक दिसंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने रविवार को कहा कि अजमेर दरगाह शरीफ मामले में न्यायालय का जो भी निर्णय होगा उसे सभी को मानना होगा।
अजमेर के सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में राठौड़ ने कहा, ‘‘अजमेर दरगाह शरीफ मामले को अभी आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। न्यायायल का जो निर्णय होगा, उसे सभी को मानना होगा। जब तक कोई भी प्रकरण सुनवाई के स्तर पर नहीं पहुंचता। कुछ भी कहना अपरिपक्वता होगी।’’
अजमेर की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को दायर याचिका पर अजमेर दरगाह समिति, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), दिल्ली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह नोटिस एक याचिका पर जारी किए गए, जिसमें दावा किया गया था कि दरगाह एक शिव मंदिर के ऊपर बनाई गई थी, इस दावे ने विवाद को जन्म दे दिया है।
राठौड़ ने कहा कि 11 माह के अल्प कालखंड में सरकार ने जहां समुचित कानून व्यवस्था बनाए रखी, वहीं दूसरी ओर जनमानस के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए काम किया है।
राठौड़ ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में ‘राजस्थान प्रोहिबेशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन ऑफ रिलीजन बिल-2024’ को मंजूरी दी गई है। इस विधेयक का लंबे समय से इंतजार था।
उन्होंने कहा कि एक अध्यादेश के माध्यम से राज्य सरकार ने गैरकानूनी तरीके से, छल कपट से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं पर शिकंजा कसा है। कपट पूर्वक धर्म परिवर्तन के बाद शादी होती है तो इस कानून के तहत अदालतों को यह अधिकार होगा कि वह उसे शून्य कर सकें।
राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नीतिगत निर्णय लेकर राजस्थान में निवेश के माहौल के साथ हर जगह प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
राठौड़ ने विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान की ‘डबल इंजन’ सरकार ने जनता के दिलोदिमाग पर किस तरह राज किया है यह उपचुनावों के नतीजों के रूप में सामने आ गया। ऐसे में उप चुनाव के परिणाम विपक्ष के आक्षेपों के भी जवाब हैं।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा अवैध धर्मांतरण पर प्रहार कर ‘लव जिहाद’ पर रोक लगाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘द राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कनवर्जन ऑफ रिलीजन बिल 2024’ को कैबिनेट से मंजूरी दिलाकर इस आवश्यकता को पूरा कर दिया।
जयपुर में भाजपा मुख्यालय में सवांददाताओं से बातचीत में तिवाड़ी ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के राज में इस विधेयक को लाया गया था, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया और राष्ट्रपति को भेज दिया।
तिवाड़ी ने कहा कि इसके बाद कांग्रेस सरकार ने इस विधेयक को लागू नहीं किया लेकिन अब भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार ने इस विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी दिलाकर ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री शर्मा का एक बार फिर से धन्यवाद और आभार।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई लोभ, प्रलोभन, डर, कपटपूर्वक, बल पूर्वक, अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल कर धर्म परिवर्तन करवाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तिवाड़ी ने दावा किया कि राजस्थान के इतिहास में यह अहम कानून साबित होगा और इसकी प्रदेश में बहुत ही आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि केवल राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देश में इस कानून की आवश्यकता है।
तिवाड़ी ने कहा इस कानून में कहीं पर भी किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन नहीं है, अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो वह जिला कलेक्टर को सूचित कर एक प्रक्रिया के माध्यम से आसानी से कर सकता है।
भाषा कुंज