असम: भारी बारिश और तूफान के बीच ब्रह्मपुत्र नदी में नौका पलटने से एक बच्चे की मौत, दो लापता
खारी अविनाश
- 01 Apr 2024, 03:06 PM
- Updated: 03:06 PM
गुवाहाटी, एक अप्रैल (भाषा) असम के दक्षिण सलमारा-मनकचार जिले में भारी बारिश और तूफान के बीच ब्रह्मपुत्र नदी में एक नौका के पलटने से चार साल के एक बच्चे की मौत हो गई और दो लोग लापता बताए जाते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को फोन किया और सभी तरह की सहायता का आश्वासन दिया।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी ने बताया कि रविवार की शाम राज्य के कई हिस्सों में अचानक आए तूफान के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश हुई, जिससे पेड़ एवं बिजली के खंभे उखड़ गए गए और घरों को भी नुकसान हुआ।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ कल शाम करीब पांच बजे सिशुमरा घाट से नेपुरेर अलगा घाट की ओर जाते समय नेपुरेर अलगा गांव में एक नौका पलट गई। स्थानीय लोगों ने एक बच्चे का शव बरामद कर लिया है और दो लोग लापता हैं।’’
त्रिपाठी ने बताया कि मृतक बच्चे की पहचान समिन मंडल (चार) के रूप में हुई है, जबकि कोबट अली मंडल (56) और इस्माइल अली (आठ) लापता हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘एसडीआरएफ की एक टीम ने आज सुबह तलाशी अभियान शुरू किया और धुबरी तथा गोलपाड़ा जिलों के गोताखोरों को भी बुलाया गया है। बचाव प्रयासों में सहयोग के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन दल (एनडीआरएफ) की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच रही है।’’
सीईओ ने बताया कि अभियान के दौरान निगरानी के लिए एएसडीएमए ड्रोन भेज रहा है।
उन्होंने बताया कि नौका में 15 यात्री थे और बाकी लोग स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
त्रिपाठी ने बताया कि कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम विभिन्न जिलों से रिपोर्ट एकत्र कर रहे हैं, जबकि कुछ जिलों को अपना मूल्यांकन भेजना बाकी है। एक बार पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाए तभी हम नुकसान के बारे में सही जानकारी दे पाएंगे।’’
अधिकारियों ने बताया कि बारिश और तूफान के कारण कई घर, स्कूल, दुकान और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
उन्होंने बताया कि सोमवार तड़के तक सैकड़ों पर्यटक गुवाहाटी के पास गर्भंगा संरक्षित वनक्षेत्र में फंसे हुए थे क्योंकि पेड़ों के गिर जाने से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘जिला प्रशासन ने तड़के करीब तीन बजे तक बचाव अभियान को अंजाम दिया और सड़कें साफ कर दी हैं। एक दिन पहले रविवार के चलते भीड़ थोड़ी अधिक थी।’’
कई सड़कों के अवरुद्ध होने, बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ जाने के कारण लोगों को सुबह अपने गंतव्यों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बीच, मुख्यमंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर कहा कि राहत और पुनर्वास के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिया गया पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन सराहनीय है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था और अगले पांच दिन में असम सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में ‘‘भारी से बेहद भारी’’ बारिश का पूर्वानुमान जताया था।
एक विशेष बुलेटिन में, गुवाहाटी में आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने रविवार के लिए असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश की खातिर अलर्ट जारी किया है।
इसमें कहा गया है कि राज्यों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है।
अगले चार दिन के लिए इन राज्यों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
‘ऑरेंज अलर्ट’ का मतलब है ‘‘बचाव कार्रवाई के लिए तैयार रहें’’ वहीं ‘येलो अलर्ट’ का मतलब है ‘‘ हर ताजा जानकारी हासिल करें और सतर्क रखें’’।
बुलेटिन में कहा गया है कि असम के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊंचाई पर एक चक्रवाती क्षेत्र बना हुआ है।
इसमें कहा गया, ‘‘उपरोक्त स्थिति के प्रभाव से विभिन्न स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।’’
आंधी के साथ हुई बारिश से यहां का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी प्रभावित हुआ और अधिकारियों को कुछ समय के लिए विमानों का परिचालन रोकना पड़ा और छह उड़ानों को अन्य हवाई अड्डे पर उतारा गया।
भाषा खारी