सिद्धरमैया ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए तत्काल मंजूरी मांगी
राजकुमार अविनाश
- 29 Nov 2024, 07:22 PM
- Updated: 07:22 PM
नयी दिल्ली, 29 नवंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की तथा उनसे अल्पावधि कृषि ऋण सीमा में सुधार, 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और मेकेदातु जलाशय एवं कलसा बंडूरी परियोजनाओं के लिए तत्काल मंजूरी देने का अनुरोध किया।
संसद भवन परिसर में हुई बैठक में सिद्धरमैया ने कृषि, जल संसाधन और शहरी बुनियादी ढांचे सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई प्रमुख मामलों में हस्तक्षेप किये जाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एवं सिंचाई मंत्री डी के शिवकुमार, ऊर्जा मंत्री के जे जॉर्ज और शहरी विकास मंत्री बिरथी सुरेश भी मौजूद थे।
मुलाकात के बाद सिद्धरमैया ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम 35 लाख किसानों को ऋण उपलब्ध कराते हैं। अल्पकालिक कृषि ऋण सीमा में भारी कटौती से कृषि क्षेत्र पर असर पड़ेगा और किसानों को निजी ऋणदाताओं पर निर्भर होना पड़ेगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) ने कर्नाटक के लिए अल्पकालिक कृषि ऋण सीमा 2023-24 के 5,600 करोड़ रुपये से घटाकर 2024-25 में केवल 2,340 करोड़ रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि 58 प्रतिशत की इस कटौती से किसानों की सस्ते कर्ज तक पहुंच गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री से इस पर गौर करने और वित्त मंत्रालय को इस स्थिति को सुधारने का निर्देश देने का अनुरोध किया है ताकि कर्नाटक में किसानों को सस्ता कृषि ऋण मिलता रहे।’’
उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर्नाटक में बल्कि पूरे देश में किसान प्रभावित हुए हैं क्योंकि नाबार्ड ने देशभर में अल्पकालिक कृषि ऋण सीमा घटा दी है।
उन्होंने ‘अपर भद्रा परियोजना’ के लिए 5,300 करोड़ रुपये दिए जाने का अनुरोध किया। इस परियोजना का उद्देश्य मध्य कर्नाटक के सूखाग्रस्त कृषि क्षेत्र की सिंचाई करना है। यह परियोजना 2023-24 के केंद्रीय बजट के बाद से लंबित है।
सिद्धरमैया ने दो महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं - कावेरी नदी पर मेकेदातु जलाशय और महादयी नदी पर कलसा बंडूरी परियोजना - को अनुमति देने पर भी जोर दिया। दोनों ही परियोजनाएं जल शक्ति और पर्यावरण मंत्रालयों से मंजूरी का बाट जोह रही हैं।
कर्नाटक ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में शीर्ष योगदान देने वाले और प्रौद्योगिकी केंद्र बेंगलुरु की स्थिति को रेखांकित करते हुए शहरी और सार्वजनिक परिवहन के लिए विशेष सहायता का अनुरोध किया है।
इसके अतिरिक्त, कर्नाटक ने 13 उभरते नगर निगमों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए मांगे हैं।
राजकोषीय आवंटन के मामले में मुख्यमंत्री ने 15वें वित्त आयोग द्वारा ‘प्रतिकूल सिफारिश’ किए जाने की शिकायत की, जिसके तहत इसके कर हिस्से में एक प्रतिशत की कमी कर दी गयी है।
सिद्धरमैया ने केंद्र सरकार से मुआवजा अनुदान प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि भविष्य का वित्त आयोग कर में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वाले राज्यों को दंडित न करे।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा से भी मुलाकात की और उन्हें वायनाड से सांसद चुने जाने पर बधाई दी।
भाषा राजकुमार