पश्चिम बंगाल स्कूल भर्ती घोटाला: न्यायालय ने सीबीआई मामले में कुंतल घोष को जमानत दी
सुरेश रंजन
- 29 Nov 2024, 08:02 PM
- Updated: 08:02 PM
नयी दिल्ली, 29 नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल प्राथमिक स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व युवा नेता कुंतल घोष को जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि इस मामले में निकट भविष्य में सुनवाई पूरी होने की संभावना नहीं है, जबकि घोष पिछले 19 महीनों से हिरासत में हैं।
घोष एक साल से अधिक समय बाद जेल से बाहर आएंगे, क्योंकि उन्हें घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में 20 नवंबर को जमानत दे दी गई थी।
पीठ ने कहा, ‘‘मुकदमे के निष्कर्ष के बारे में पूर्वानुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगी। मौजूदा परिस्थितियों में, आरोपी को अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में रखना कानून में स्थापित व्यवस्था के अनुरूप नहीं होगा।’’
पीठ ने घोष को जमानत दे दी और उनसे कहा कि वह अदालत या जांच एजेंसी की पूर्व अनुमति के बिना पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं जाएं।
पीठ ने कहा है कि घोष कोई सार्वजनिक पद भी नहीं संभालेंगे और मीडिया में जांच के गुण-दोष से संबंधित कोई बयान नहीं देंगे।
न्यायालय ने कहा, ‘‘हम उन्हें राजनीतिक पार्टी में कोई भी पद लेने से नहीं रोक सकते।’’ पीठ ने उन्हें मामले में साक्ष्यों को प्रभावित या उनसे छेड़छाड़ न करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान घोष की ओर से पेश अधिवक्ता एम.एस. खान ने अपनी दलील के समर्थन में निचली अदालत के दो आदेश प्रस्तुत किए कि निकट भविष्य में सुनवाई पूरी नहीं हो पाएगी, क्योंकि सीबीआई ने अब तक मामले में अंतिम आरोपपत्र दाखिल नहीं किया है।
खान ने कहा कि निचली अदालत ने 16 जनवरी और जुलाई में पारित अपने आदेश में संकेत दिया था कि जांच जारी है और निकट भविष्य में सुनवाई शुरू करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं (मुवक्किल) पिछले 19 महीनों से हिरासत में हूं और मेरे खिलाफ अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं। इसके अलावा, मामले को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने के लिए एक अर्जी दायर की गयी है।’’
पीठ ने सीबीआई के वकील से पूछा कि एजेंसी को जांच पूरी करने में कितना समय लगेगा। न्यायालय को यह अवगत कराया गया कि जांच एजेंसी दिसंबर में पूरक आरोप-पत्र दाखिल करने की योजना बना रही है, क्योंकि उसे उन गवाहों से पूछताछ करनी है, जिन्हें आरोपी ने धोखा दिया है।
वकील ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं, क्योंकि उन्होंने पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के समान एक समानांतर वेबसाइट बनाई, जहां नौकरी चाहने वाले अयोग्य उम्मीदवारों के फर्जी परिणाम पोस्ट किए गए और उनसे करोड़ों रुपये वसूले गए।
पीठ ने कहा कि आरोपों की प्रकृति और सीबीआई द्वारा एकत्र किए जाने वाले साक्ष्य की प्रकृति के कारण, एजेंसी के लिए मोहलत मांगना एवं आरोप-पत्र दाखिल करना स्वाभाविक था, ताकि सुनवाई का रास्ता साफ हो सके।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 20 नवंबर को स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक घोष को सशर्त जमानत दे दी थी।
घोष को ईडी ने 21 जनवरी, 2023 को धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद 20 फरवरी, 2023 को उन्हें सीबीआई ने पश्चिम बंगाल प्राथमिक विद्यालय भर्ती घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया था।
भाषा सुरेश