अपना दल (कमेरावादी) और एआईएमआईएम ने किया गठबंधन, जल्द होगा सीटों का ऐलान
सलीम शोभना
- 01 Apr 2024, 12:19 AM
- Updated: 12:19 AM
लखनऊ, 31 मार्च (भाषा) लोकसभा चुनाव के लिए सियासी पारा चढ़ने के बीच उत्तर प्रदेश में एक नया गठबंधन सामने आया है। ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव एलाइंस’ (इंडिया) गठबंधन से नाराज होकर अलग हुए अपना दल (कमेरावादी) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने रविवार को पीडीएम (पिछड़ा, दलित, मुसलमान) न्याय मोर्चा बनाकर उत्तर प्रदेश में साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस गठबंधन का ऐलान किया। हालांकि यह गठबंधन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं हुआ है।
पल्लवी ने इस बात के भी संकेत दिए कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव के मुकाबले बेहतर तरीके से मुसलमानों के हितों की रक्षा कर सकते हैं।
पल्लवी ने अखिलेश के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के नारे पर तंज करते हुए कहा कि पीडीए के 'ए' अक्षर में कुछ भ्रम है। राजनीति में भ्रम नहीं पारदर्शिता होनी चाहिए। इसलिए 'ए' के भ्रम को दूर करने के लिए हमने उन लोगों को जोड़ने का काम किया है, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक शोषण के शिकार हुए हैं।
उन्होंने दावा करते हुए कहा, "इस मोर्चे के बिना देश में कोई सरकार नहीं बनेगी।"
हालांकि नवगठित गठबंधन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा इस बारे में अभी कुछ तय नहीं हुआ है। एआईएमआईएम के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक इसका ऐलान दो-तीन दिन में हो जाएगा।
पल्लवी ने कहा कि पहले पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) होता था और अब ओवैसी के आने के बाद एम का मतलब मुसलमान हो गया है। अगर ओवैसी की संगत का यह नतीजा है तो इसमें बुराई क्या है?
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से जब पूछा गया कि क्या पीडीएम 'अल्पसंख्यकों' के हितों की रक्षा कर सकता है, तो उन्होंने कहा, "मुरादाबाद (लोकसभा सीट) में देखिए क्या हुआ। एसटी हसन लोकसभा में पार्टी के नेता थे, और उनका अपमान किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। आपने दो उम्मीदवारों को टिकट दिया। ये मेरे शब्द नहीं हैं, ये डॉ हसन के शब्द हैं। इससे क्या संदेश जाता है? आप देख सकते हैं कि रामपुर में क्या हुआ। यह वास्तविकता है, और कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता।"
ओवैसी ने यह भी कहा कि इस लड़ाई को संसदीय चुनावों से आगे ले जाना होगा। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि उप्र के लोग पीडीएम का समर्थन करेंगे।
अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने पीडीएम न्याय मोर्चा के सभी दलों के पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव के लिए एकजुट होने और राजनीतिक संगठन को मजबूत करने का आग्रह किया।
वर्तमान में पल्लवी पटेल कौशांबी जिले के सिराथू विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की विधायक हैं।
अपना दल (कमेरावादी) ने 22 मार्च को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कोई सीट नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी और कहा था कि ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि वह अभी भी गठबंधन का हिस्सा है या नहीं।
उनका यह बयान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अपना दल (कमेरावादी) के साथ गठबंधन 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए था न कि लोकसभा चुनावों के लिए।
पल्लवी पटेल की पार्टी ने ‘इंडिया’ गठबंधन से फूलपुर, मिर्जापुर और कौशांबी लोकसभा सीट देने का आग्रह किया था लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया था।
इससे नाराज पल्लवी पटेल ने गत 22 मार्च को पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ''सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन की मुख्य पार्टी कांग्रेस को बताना चाहिए कि वे अपना दल (कमेरावादी) के साथ क्या करने जा रहे हैं। इंडिया गठबंधन बनाने वालों को स्पष्ट करना चाहिए कि हम इसका हिस्सा हैं या नहीं। बिहार में नीतीश कुमार (इंडिया ब्लॉक छोड़ने वाले जदयू नेता) के साथ जो हुआ, वही उत्तर प्रदेश में राजमाता कृष्णा पटेल (अपना दल-के अध्यक्ष) के साथ हो रहा है।''
पल्लवी पटेल ने 2022 का विधानसभा चुनाव सिराथू सीट से सपा के टिकट पर लड़ा था और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराया था।
भाषा सलीम