चुनावी बॉण्ड के कारण ही चंदे का स्रोत, लाभार्थियों का पता चल सका: प्रधानमंत्री मोदी
जोहेब सुभाष
- 01 Apr 2024, 12:34 AM
- Updated: 12:34 AM
नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी बॉण्ड के मुद्दे से उनकी सरकार को झटका लगने की बात रविवार को खारिज कर दी और कहा कि कोई भी प्रणाली पूरी तरह से सही नहीं है और खामियों को दूर किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर हंगामा करने वाले लोग पछताएंगे।
‘थंथी’ टीवी पर एक साक्षात्कार के दौरान जब उनसे यह पूछा गया कि क्या चुनावी बॉण्ड विवरण से सत्तारूढ़ भाजपा को झटका लगा है, मोदी कहा, ‘‘मुझे बताइए कि हमने ऐसा क्या कर दिया कि मैं इसे एक झटके के तौर पर देखूं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि जो इसे (बॉण्ड के विवरण) को लेकर हंगामा कर रहे हैं और इसपर गर्व कर रहे हैं उन्हें पछतावा होगा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की चुनावी बॉण्ड योजना के कारण ही चंदे के स्रोतों और इसके लाभार्थियों का पता लगाया जा सका।
उन्होंने कहा कि अगर आज जानकारी उपलब्ध हुई है तो उसकी वजह बॉण्ड हैं।
मोदी ने सवाल किया कि क्या कोई एजेंसी 2014 में उनके केंद्र की सत्ता में आने से पहले के चुनावों के लिए धन के स्रोत और उनके लाभार्थियों के बारे में बता सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी प्रणाली बिल्कुल सही नहीं होती। कुछ खामियां हो सकती हैं, जिन्हें दूर किया जा सकता है।’’
विपक्षी दलों ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद हुए खुलासे का हवाला देते हुए सरकार के प्रति हमलवार रुख अपना रखा है। न्यायालय ने गुमनाम तरीके से चंदा देने को असंवैधानिक घोषित करते हुए चुनावी बॉण्ड से संबंधित सभी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था।
आपराधिक जांच का सामना कर रहीं कई कंपनियों ने बड़ी मात्रा में बॉण्ड खरीदे थे।
साक्षात्कार के दौरान मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि किसी को उनके हर काम में राजनीति नहीं देखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह देश के लिए काम करते हैं और तमिलनाडु देश की बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर वोट उनकी मुख्य चिंता होती, तो उन्होंने पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए इतना कुछ नहीं किया होता।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के मंत्रियों ने 150 से अधिक बार क्षेत्र का दौरा किया है और वह स्वयं भी अन्य सभी प्रधानमंत्रियों की तुलना में अधिक बार वहां गए हैं।
मोदी ने कहा, "सिर्फ इसलिए कि मैं एक राजनीतिक नेता हूं इसका मतलब यह नहीं है कि मैं केवल चुनाव जीतने के लिए काम करता हूं।"
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ता है और लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में भाजपा को वोट द्रमुक के विरोध में नहीं बल्कि पार्टी (भाजपा) के समर्थन की वजह से मिलेंगे।
उन्होंने कहा, "हमने पिछले 10 साल में जो काम किया है, उसे लोगों ने देखा है। तमिलनाडु ने तय कर लिया है कि इस बार भाजपा-राजग जीतेगा।"
उन्होंने कहा कि भाजपा ने तमिलनाडु के लिए तब भी काम किया जब उसके पास वहां नगरपालिका के लिए एक भी उम्मीदवार नहीं था।
मोदी ने भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई की भी प्रशंसा की और कहा कि वह युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगर पैसा और भ्रष्टाचार उनके (अन्नामलाई) लिए महत्व रखता तो वह द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हो सकते थे।
उन्होंने कहा, "विकसित भारत का मतलब है कि देश के हर कोने को विकास का लाभ मिलना चाहिए। मेरा मानना है कि तमिलनाडु में हमारे विकसित भारत के सपने में प्रेरक शक्ति बनने की क्षमता है।"
मोदी ने तमिल भाषा के राजनीतिकरण पर खेद व्यक्त करते हुए विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया, जो अकसर भाजपा पर क्षेत्रीय भाषाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जैसे राज्य के व्यंजनों का वैश्विककरण हुआ है, वैसे ही इसकी बोली को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "तमिल भाषा का राजनीतिकरण न केवल तमिलनाडु बल्कि देश के लिए भी हानिकारक है।"
भाषा जोहेब