राष्ट्रपति मुर्मू ने लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न प्रदान किया
गोला रंजन
- 31 Mar 2024, 04:47 PM
- Updated: 04:47 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को यहां उनके आवास पर जा कर उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान किया।
राष्ट्रपति भवन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह और आडवाणी के परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
इसने बताया कि राष्ट्रपति ने आडवाणी को उनके आवास पर जा कर उन्हें भारत रत्न प्रदान किया ।
राष्ट्रपति ने जब आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया तो प्रधानमंत्री मोदी उनके बगल में बैठे दिखाई दिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित होते देखना बहुत खास था और यह सम्मान देश की प्रगति में उनके स्थायी योगदान की पहचान है।
मोदी ने कहा, ‘‘सार्वजनिक सेवा के प्रति उनका समर्पण और आधुनिक भारत को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका ने हमारे इतिहास पर एक अमिट छाप छोड़ी है। मुझे इस बात पर गर्व है कि पिछले कई दशकों में मुझे उनके साथ बहुत करीब से काम करने का मौका मिला।’’
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, भारतीय राजनीति के पुरोधा आडवाणी ने सात से अधिक दशकों तक अटूट समर्पण और प्रतिष्ठा के साथ देश की सेवा की। एक सांसद के रूप में संवाद पर उनकी आस्था ने संसदीय परंपराओं को समृद्ध किया है।
राष्ट्रपति भवन ने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि गृह मंत्री तथा उप प्रधानमंत्री के रूप में, उन्होंने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा, जिससे उन्हें दलगत सीमाओं से परे जा कर लोगों ने सम्मान और प्रशंसा प्रदान की।
इसने कहा, ‘‘भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए उनके लंबे और अथक संघर्ष की परिणति 2024 में अयोध्या में श्री राम मंदिर के पुनर्निर्माण के रूप में हुई।’’
उसने कहा कि आडवाणी स्वतंत्रता के बाद के उन गिने-चुने नेताओं में हैं जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को नया स्वरूप देने और देश को विकास-पथ पर आगे ले जाने में सफल रहे। उनकी उपलब्धियां भारत की सहज प्रतिभा और समावेशी परंपराओं को सर्वोत्तम अभिव्यक्ति प्रदान करती हैं।
अविभाजित भारत के कराची (अब पाकिस्तान) में 1927 में जन्मे आडवाणी का परिवार विभाजन के बाद 1947 में भारत आ गया था।
आडवाणी (96) जून 2002 से मई 2004 तक उप-प्रधानमंत्री और अक्टूबर 1999 से मई 2004 तक केंद्रीय गृहमंत्री रहे। वह कई बार 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष रहे।
राष्ट्रपति भवन ने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अपने दृष्टिकोण के साथ, उन्होंने पूरे देश में दशकों तक कड़ी मेहनत की और सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव लेकर आए।
उसने ‘एक्स’ पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘जब आपातकाल ने भारत के लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया तो उनके अंदर के अदम्य योद्धा ने इसे अधिनायकवादी प्रवृत्तियों से बचाने में मदद की।’’
राष्ट्रपति भवन द्वारा साझा वरिष्ठ नेता के प्रोफाइल के अनुसार, जनता पार्टी की सरकार (1977-79) में सूचना व प्रसारण मंत्री के रूप में आडवाणी ने आपातकाल की अलोकतांत्रिक इमारत को ध्वस्त करके लोकतंत्र की बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इसमें कहा गया है कि उस समय उनका योगदान जितना बौद्धिक रूप से प्रेरणादायक था, उतना ही राजनीतिक रूप से भी प्रभावशाली था।
इसमें कहा गया है कि आडवाणी के राजनीतिक जीवन में चरम बिन्दु तब आया जब उन्होंने 1980 के बाद के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुनरुत्थान की नींव रखी।
राष्ट्रपति भवन ने कहा, ‘‘उनके संघर्ष की परिणति 2024 में अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के पुनर्निर्माण के रूप में हुई, जिससे अनगिनत भारतीयों की दशकों पुरानी आकांक्षाएँ पूरी हुईं।’’
उसने कहा कि भारत के गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आडवाणी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली में सबसे व्यापक सुधार लाए। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक सक्रिय और समझौता न करने वाला दृष्टिकोण अपनाया तथा कश्मीर में शांति लाने के लिए ईमानदार और लगातार प्रयास किए।
सामंजस्यपूर्ण केंद्र-राज्य संबंधों पर उनके जोर के परिणामस्वरूप तीन नए राज्य - छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड बने।
सरकार ने इस साल पांच लोगों को भारत रत्न पुरस्कार देने की घोषणा की थी। इनमें से आडवाणी के अलावा पूर्व प्रधामंत्रियों पी वी नरसिम्हा राव तथा चौधरी चरणसिंह, कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन और बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत दिया गया।
राव, सिंह, स्वामीनाथन और ठाकुर के परिवार के सदस्यों ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त किया।
भाषा
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