विपक्ष की रैली ‘लोकतंत्र बचाओ’ नहीं, बल्कि ‘परिवार बचाओ, भ्रष्टाचार छुपाओ’ रैली है: भाजपा
देवेंद्र नरेश
- 31 Mar 2024, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को यहां रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की रैली की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘लोकतंत्र बचाओ’’ नहीं, बल्कि ‘‘परिवार बचाओ’’ और ‘‘भ्रष्टाचार छुपाओ’’ रैली है।
भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ “मैच फिक्सिंग” की टिप्पणी के लिये राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अतीत में कांग्रेस सरकार ने पार्टी के प्रथम परिवार को लाभ पहुंचाने के लिये पड़ोसी देश श्रीलंका के साथ एक ‘सौदा’ करके कच्चातिवु द्वीप उसे सौंप दिया था।
गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर लोकसभा चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर भाजपा अपने प्रयासों में सफल हो गई, तो देश का संविधान बदल दिया जाएगा और लोगों के अधिकार छीन लिये जाएंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी के इस दावे को लेकर कांग्रेस की आलोचना की कि अगर भाजपा सत्ता में लौटी और संविधान बदला गया तो पूरे देश में आग लग जाएगी।
पूनावाला ने कहा, ‘‘कुछ लोग मैच फिक्सिंग के बारे में बात कर रहे हैं। वर्ष 1974 में, इंदिरा गांधी सरकार ने राष्ट्र हित और तमिलनाडु के लोगों के हितों से समझौता करते हुए, कांग्रेस के प्रथम परिवार को लाभ पहुंचाने के लिये कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को सौंप दिया था...राहुल गांधी जी, आपके परिवार ने एक ‘डील-फिक्सिंग’ की थी।”
उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीति कांग्रेस के ‘डीएनए’ में है।
विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए भ्रष्टाचार की जांच में उन्हें फंसाने के आरोप लगाए हैं।
इस बीच भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत कई नेताओं के भ्रष्टाचार के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी आरोप 2014 से पहले के हैं।
त्रिवेदी ने आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य विपक्षी दलों के साथ आने के संदर्भ में कहा कि जिन लोगों ने कई नेताओं को ‘चोर’ और ‘बदमाश’ बताया था, उन्होंने उनसे हाथ मिला लिया है और यह अजीब एवं चौंकाने वाला दृश्य है।
उन्होंने कहा कि उनके नेता अब लालू प्रसाद यादव हैं जो भ्रष्टाचार के कई मामलों में दोषी हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि वे सभी अपने पुराने पापों को छिपाने के लिए यहां आए हैं और यह गौर करने वाली बात है कि उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का विरोध किया था तथा उनमें से कुछ ने हिंदुत्व को मिटाने का आह्वान किया था।
त्रिवेदी ने कहा कि ये दल भारतीय राजनीति में विश्वसनीयता के संकट को दर्शाते हैं जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा विश्वसनीयता की राजनीति और अपने वादों को पूरा करने के पिछले रिकॉर्ड का प्रतीक है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोकतंत्र को बचाने के लिए एक साथ आने का दावा करते हैं लेकिन वे खुद वंशवादी दल हैं जिन्होंने कभी दूसरों को सिर उठाने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि लोग चुनावों में उन्हें करारा जवाब देंगे।
भाषा
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