जम्मू-कश्मीर में सत्ता के दो केंद्र राष्ट्रहित में नहीं: कर्रा
राजकुमार सुरेश
- 17 Nov 2024, 06:54 PM
- Updated: 06:54 PM
जम्मू, 17 नवंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा रविवार को यहां एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किये जाने की पृष्ठभूमि में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि इस केंद्रशासित प्रदेश में सत्ता के दो केंद्र राष्ट्रहित में नहीं हैं।
कर्रा ने भाजपा पर ‘अंधराष्ट्रवाद और विभाजनकारी’ राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को कमजोर करने का (उसका) हर प्रयास विफल ही होगा, क्योंकि कोई भी (कांग्रेस) पार्टी की विचारधारा और दर्शन को मिटा नहीं सकता।
सिन्हा ने जम्मू क्षेत्र में राजभवन में उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जो राजभवन एवं नेशनल कांफ्रेस-नीत सरकार के शीतकालीन राजधानी स्थानांतरित हो जाने के बाद वहां उनका यह पहला ऐसा कार्यक्रम है।
उपराज्यपाल 16 अक्टूबर को नयी सरकार का गठन हो जाने के बाद आतंकी गतिविधियां बढ़ जाने पर ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में कई बैठकों की अध्यक्षता कर चुके हैं।
उपराज्यपाल द्वारा सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता किये जाने के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कर्रा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं मालूम कि आज सुरक्षा समीक्षा हो रही है या नहीं, लेकिन जब पहली बार उपराज्यपाल ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की थी, तब हमने जम्मू-कश्मीर में दो सत्ता केंद्र बनाने के प्रयासों पर संदेह व्यक्त किया था, जो राष्ट्र हित में नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि एक तरफ उपराज्यपाल सुरक्षा स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री।
उन्होंने कहा, ‘‘हो सकता है कि वे अलग-अलग निर्णय ले लें, जिससे हम दोराहे पर पहुंच जाएं। उपराज्यपाल को यह स्वीकार करना चाहिए कि बदलाव आज एक वास्तविकता है और सभी को इस तथ्य को समझना चाहिए तथा उसके अनुसार कार्य करना चाहिए। हम सभी से, खासकर उपराज्यपाल से, एक समग्र और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध करते हैं, अन्यथा लाभ के बजाय, ऐसी बैठकें हानिकारक साबित हो सकती हैं।’’
कर्रा यहां पूर्व उपमुख्यमंत्री मंगत राम शर्मा को उनकी 92वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक समारोह के अवसर पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
कर्रा ने कहा, ‘‘भाजपा का अंधराष्ट्रवाद एवं विभाजनकारी राजनीति कांग्रेस के बजाय भारत को कमजोर करने जा रही है। वे गंगा-जमुनी तहजीब की बुनियाद को कमजोर कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि अब्दुल्ला जैसे लोग तथ्यों को गलत तरीके से पेश करके भाजपा द्वारा कांग्रेस पर किये जा रहे हमले को स्वीकार कर रहे हैं।
कर्रा ने कहा कि कांग्रेस अपने अधिकतर उम्मीदवारों के चुनाव हार जाने के बाद संख्याबल में भले ही कमजोर हो गयी है, लेकिन ‘कोई भी पार्टी को खत्म नहीं कर सकता, क्योंकि कोई भी पार्टी की विचारधारा और दर्शन को मिटा नहीं कर सकता।’’
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही अनुच्छेद 370 के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर अपना रुख साफ कर दिया है और ‘इसलिए बासी चीजों के बारे में बात करना भाजपा को निशाना बनाने का मौका देना है।’
भाषा राजकुमार