तृणमूल कांग्रेस के पार्षद पर हमला करने के मामले में मुख्य आरोपी पकड़ा गया, टैक्सी चालक गिरफ्तार
योगेश सुरेश
- 16 Nov 2024, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
कोलकाता, 16 नवंबर (भाषा) कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता पर हमले के मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले से हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पड़ोसी राज्य झारखंड भागने की फिराक में था।
उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी इकबाल उर्फ अफरोज खान उर्फ गुलजार अन्य आरोपी युवराज सिंह को दोपहिया वाहन पर बिठाकर शुक्रवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) वार्ड संख्या 108 के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद सुशांत घोष की हत्या करने के लिए ले गया था।
आरोपी युवराज सिंह ने शुक्रवार शाम को कस्बा इलाके में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद घोष पर नजदीक से गोली चलाने के लिए जिस बंदूक का इस्तेमाल किया था, उसमें यांत्रिक खराबी हो जाने के कारण गोली नहीं चल पाई, जिसके कारण वह बाल-बाल बच गए।
आईपीएस अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "एक खुफिया जानकारी मिली कि इकबाल दुर्गापुर एक्सप्रेसवे के जरिये दोपहिया वाहन से झारखंड भागने की कोशिश कर रहा है, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे गलसी में एक नाका पर रोका और हिरासत में ले लिया।"
पुलिस अधिकारी के अनुसार हत्या के प्रयास की पूरी योजना के पीछे इकबाल का हाथ था।
उन्होंने कहा, "ऐसा प्रतीत होता है कि इकबाल उसका असली नाम नहीं है और उसने युवराज सिंह से संपर्क किया था तथा उसे 10,000 रुपये के भुगतान पर हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए राजी किया था।"
अधिकारी ने बताया, "इकबाल वह व्यक्ति था जिसने शहर के लेक टाउन क्षेत्र में सिंह के लिए रहने की व्यवस्था की थी और उसे वारदात में इस्तेमाल की गई बंदूक उपलब्ध कराई थी।"
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इससे पहले दिन में पुलिस ने घटना के सिलसिले में एक टैक्सी चालक को भी गिरफ्तार किया था। सिंह से पूछताछ के दौरान उसकी पहचान सामने आई थी।
कोलकाता पुलिस के 'एंटी-राउडी सेक्शन (एआरएस)' के अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार टैक्सी चालक अहमद ने बृहस्पतिवार रात को सिंह और उसके सहयोगी इकबाल को बाबूघाट से लेक टाउन पहुंचाया था, जहां वे एक आवासीय परिसर में रुके थे।
कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने शनिवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया।
वर्मा ने संवाददाताओं से कहा, "जांच जारी है, अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।"
पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ घोष के आवास की ओर जाने वाली सड़कों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, "इस हमले के पीछे कोई बड़ा व्यक्ति हो सकता है। ये लोग केवल एक योजना को अंजाम देने के लिए नियुक्त किए गए छोटे अपराधी हैं। युवराज सिंह ने स्वीकार किया है कि उन्हें घोष की एक तस्वीर दिखाई गई थी और उसकी हत्या करने के लिए कहा गया था। काम पूरा होने पर उन्हें 10,000 रुपये देने का वादा किया गया था। इस मामले में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।"
उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद युवराज सिंह ने दावा किया था कि वह किशोर है, लेकिन जांचकर्ताओं ने उसके आधार कार्ड की जांच के बाद पाया कि वह अपनी उम्र गलत बता रहा था।
इस बीच घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उन्हें फोन किया और घटना के बारे में जानकारी ली।
घोष ने संवाददाताओं से कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुझे फोन किया और घटना के बारे में जानकारी ली। अभिषेक ने भी मुझे फोन किया। मैं इस घटना से डरा हुआ नहीं हूं, लेकिन सदमे में हूं। मुझे नहीं पता कि इसके पीछे कौन है। लेकिन मुझे लगता है कि आम लोग हमसे (तृणमूल) दूर जा रहे हैं और यह उसी का नतीजा हो सकता है। मैं पार्टी नेतृत्व से इसका कारण जानने का आग्रह करूंगा।"
उन्होंने कहा, "कल रात मैंने राजनीति छोड़ने के बारे में सोचा था, लेकिन अपने परिवार के सदस्यों से चर्चा करने और पार्टी से आश्वासन मिलने के बाद मैंने राजनीति में बने रहने और अपनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है।"
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने घोष की सुरक्षा बढ़ा दी है।
भाषा योगेश