अनावश्यक ‘एंजियोप्लास्टी’ के कारण पीएमजेएवाई लाभार्थियों की मौत मामले में चिकित्सक गिरफ्तार
अविनाश
- 14 Nov 2024, 08:17 PM
- Updated: 08:17 PM
अहमदाबाद, 14 नवंबर (भाषा) गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल में अनावश्यक और खराब ‘एंजियोप्लास्टी’ के कारण पीएमजेएवाई के दो लाभार्थियों की मौत को लेकर पुलिस ने तीन प्रथमिकी दर्ज करने के साथ हृदय का ऑपरेशन करने वाले आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि शहर की वस्त्रापुर पुलिस ने बुधवार रात को मामले दर्ज किए, जबकि मुख्य आरोपी और यहां ख्याति मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में पीड़ितों की ‘एंजियोप्लास्टी’ करने वाले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत वजीरानी को बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार किया गया।
पुलिस उपायुक्त, जोन 1, हिमांशु वर्मा ने कहा कि दो मामले मृतक के परिजनों की शिकायत पर दर्ज किए गए, जबकि तीसरा मामला मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश मेहता द्वारा राज्य सरकार की ओर से पुलिस से संपर्क करने के बाद दर्ज किया गया।
वर्मा ने कहा, ‘‘ गिरफ्तार वजीरानी के अलावा चार अन्य को इन प्राथमिकी में शामिल किया गया है। आगे की जांच जारी है।’’
अन्य आरोपियों की पहचान निजी अस्पताल के अध्यक्ष कार्तिक पटेल, सीईओ चिराग राजपूत और निदेशक राजश्री कोठारी और डॉ. संजय पटोलिया के रूप में की गई है।
सभी पांच आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने ‘आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई)’ के तहत अनुचित वित्तीय लाभ प्राप्त करने की साजिश रची, जिसके कारण दो व्यक्तियों की मौत हो गई।
गुजरात सरकार ने बुधवार को घोषणा की थी कि केंद्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत नामांकित दो व्यक्तियों की मौत पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की जाएगी।
नागरभाई सेनमा (59) और महेश बारोट (45) उन सात लोगों में शामिल थे, जिनकी सोमवार को अहमदाबाद के बोदकदेव इलाके में स्थित ख्याति मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में ‘स्टेंट प्लेसमेंट’ के साथ एंजियोप्लास्टी की गई थी।
‘एंजियोप्लास्टी’ एक ऐसी प्रक्रिया है जो हृदय में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए अवरुद्ध या संकुचित कोरोनरी धमनियों को चौड़ा करती है।
मेहसाणा जिले के रहने वाले दोनों व्यक्तियों की उसी दिन रात करीब 10 बजे अस्पताल में मौत हो गई।
प्राथमिकी के अनुसार, सर्जरी की किये जाने की कोई आवश्यकता नहीं होने के बावजूद दोनों व्यक्तियों की ‘एंजियोप्लास्टी’ की गई और उनकी धमनियों में ‘स्टेंट’ लगाए गए।
‘आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई’ जरूरतमंद लोगों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करता है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अस्पताल ने 10 नवंबर को मेहसाणा जिले के कादी तालुका के अंतर्गत आने वाले बोरिसाना गांव में मुफ्त चिकित्सा जांच शिविर स्थापित किया था।
पटेल ने कहा कि 11 नवंबर को शिविर में पहुंचे लोगों में से 19 ग्रामीणों को अहमदाबाद स्थित अस्पताल लाया गया और उनसे कहा गया कि उन्हें ‘एंजियोग्राफी’ करानी होगी।
एंजियोग्राफी एक प्रक्रिया है जिसके तहत रक्त वाहिकाओं की जांच करने और यह देखने के लिए एक्स-रे इमेजिंग का उपयोग किया जाता है कि कहीं वे संकुचित या अवरुद्ध तो नहीं हैं। चिकित्सकों ने इनमें से सात लोगों की ‘एंजियोप्लास्टी’ की और उसी दिन ‘स्टेंट’ भी लगा दिये।
भाषा संतोष