विदेशी कोषों की निकासी जारी रहने से सेंसेक्स 821 अंक टूटा, निफ्टी 258 अंक कमजोर
पाण्डेय अजय
- 12 Nov 2024, 05:33 PM
- Updated: 05:33 PM
मुंबई, 12 नवंबर (भाषा) विदेशी कोषों की सतत निकासी के बीच व्यापक बिकवाली दबाव से प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में मंगलवार को एक-एक प्रतिशत की गिरावट आई। कमजोर वैश्विक रुख ने भी बाजार धारणा को प्रभावित किया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 820.97 अंक या 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,675.18 अंक पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान यह 948.31 अंक या 1.19 प्रतिशत टूटकर 78,547.84 अंक तक आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 257.85 अंक या 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,883.45 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी के 46 शेयर गिरावट के साथ और चार बढ़त के साथ बंद हुए।
इस दौरान निवेशकों की संपत्ति 5.29 लाख करोड़ रुपये घटकर 437.24 लाख करोड़ रुपये रह गई।
सेंसेक्स के शेयरों में एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा मोटर्स, जेएसडब्ल्यू स्टील, मारुति और पावर ग्रिड में सबसे अधिक नुकसान रहा।
दूसरी ओर सन फार्मा, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 2,306.88 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,026.63 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, “बाजार में गिरावट के लिए दो कारक काम कर रहे हैं। पहला, एफआईआई द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है। दूसरा, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) द्वारा निरंतर की जा रही खरीद ने बाजार को सहारा दिया है और बाजार में गिरावट को कुछ थामने में मदद की है। आने वाले दिनों में बाजार का रुख कैसा रहेगा यह इन दो कारकों पर निर्भर करेगा।”
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजार दबाव में रहा। प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। शुरुआती तेजी के बाद निफ्टी में पहले उतार-चढ़ाव देखने को मिला, और उसके बाद बड़े शेयरों में बिकवाली के दबाव ने बाजार की चाल को नीचे की ओर मोड़ दिया।’’
विश्लेषकों ने कहा कि बाजार बंद होने के बाद जारी मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क रहे।
मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 6.21 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने 5.49 प्रतिशत थी। इस तरह खुदरा मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर छह प्रतिशत को पार कर गई।
भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि सितंबर, 2024 में 3.1 प्रतिशत रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 6.4 प्रतिशत था।
बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 1.26 प्रतिशत और मिडकैप में 0.98 प्रतिशत की गिरावट आई।
क्षेत्रवार सूचकांकों की बात करें तो बिजली में 2.79 प्रतिशत, उपयोगिताओं में 2.20 प्रतिशत, पूंजीगत सामान में 2.14 प्रतिशत, वाहन में 1.95 प्रतिशत, औद्योगिक उत्पादों में 1.82 प्रतिशत और धातु में 1.52 प्रतिशत की गिरावट हुई।
बीएसई पर कुल 2,742 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,226 में तेजी आई और 93 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हेंगसेंग नुकसान के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.56 प्रतिशत बढ़कर 72.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
भाषा पाण्डेय