वक्फ बोर्ड विवाद : प्रदर्शनकारियों ने विजयन से ‘स्थायी समाधान’ का आग्रह किया
अमित माधव
- 11 Nov 2024, 05:55 PM
- Updated: 05:55 PM
कोच्चि, 11 नवंबर (भाषा) एर्णाकुलम जिले के मुनंबम गांव के प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से वक्फ बोर्ड के साथ जारी भूमि विवाद का स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया। प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन 30वें दिन में प्रवेश कर गया है।
कोट्टापुरम डायोसिस के बिशप एम्ब्रोस पुथेनवीटिल और मुनंबम भू संरक्षण समिति के संयोजक जोसेफ बेनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से उनके कोच्चि दौरे के दौरान मुलाकात की।
बैठक के बाद जोसेफ बेनी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमें बताया कि सरकार स्थायी समाधान पर काम कर रही है। हमें 22 नवंबर को होने वाली उच्च स्तरीय समिति की बैठक के बाद अनुकूल परिणाम की उम्मीद है।’’
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
एक प्रदर्शनकारी नेता ने कहा, ‘‘हम मुनंबम में वेलंकन्नी चर्च के सामने शांतिपूर्वक हड़ताल कर रहे हैं और जब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो जाता, हम इसे जारी रखेंगे।’’
मुनंबम भू संरक्षण समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उद्योग एवं कानून मंत्री पी राजीव और वायपिन विधायक के एन उन्नीकृष्णन भी वार्ता में शामिल हुए। बैठक के बाद मंत्री पी राजीव ने कहा, ‘‘सरकार किसी को बेदखल नहीं करेगी; हम एक स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि पहले निर्धारित एक उच्च स्तरीय बैठक को राज्य उपचुनावों के कारण 22 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
मुनंबम में वक्फ भूमि दावों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, रविवार को सिरो-मालाबार चर्च ने 1,000 चर्चों में एकजुटता कार्यक्रम आयोजित किए। चेराई और मुनंबम के निवासियों का आरोप है कि ‘‘वक्फ बोर्ड उनकी भूमि और संपत्ति पर अवैध रूप से दावा कर रहा है’, जबकि निवासियों के पास पंजीकृत दस्तावेज और भूमि कर रसीदें हैं।
मुनंबम भूमि विवाद उपचुनाव प्रचार में एक प्रमुख मुद्दा बन गया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) दोनों की आलोचना कर रहे हैं।
यूडीएफ और एलडीएफ ने हाल ही में राज्य विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का विरोध करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जो मौजूदा वक्फ कानून के प्रावधानों को चुनौती देता है।
चर्च का दावा है कि चेराई और मुनंबम में जो संपत्तियों पीढ़ियों से ईसाई परिवारों के पास हैं, उन पर मौजूदा अधिनियम के प्रावधानों के तहत वक्फ बोर्ड द्वारा "अवैध रूप से दावा" किया गया है।
हाल ही में, सिरो-मालाबार चर्च द्वारा समर्थित एक दैनिक अखबार ‘दीपिका’ ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ की आलोचना करते हुए एक संपादकीय प्रकाशित किया, जिसमें उन पर ‘‘प्रभावित लोगों के संघर्षों को स्वीकार किए बिना वक्फ कानून की रक्षा के लिए’’ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का आरोप लगाया गया।
भाषा अमित