शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा: मोदी
आशीष माधव
- 29 Mar 2024, 08:18 PM
- Updated: 08:18 PM
नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह देश में बच्चों के लिए सर्वोत्तम शिक्षा मुहैया कराना चाहते हैं और शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और अरबपति समाजसेवी बिल गेट्स के साथ बातचीत में मोदी ने कहा कि बच्चों की रुचियों को पूरा करने के लिए दृश्य सामग्री तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा देना चाहता हूं। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर किसी बच्चे की रुचि दृश्य माध्यम में है, कहानी कहने में है, तो हम उस दिशा में विषय वस्तु तैयार कर रहे हैं। मैंने कुछ सर्वेक्षण कराए हैं, मैंने देखा है, बच्चे वास्तव में इसका आनंद ले रहे हैं।’’
बातचीत में, मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे भारत ने अपने नागरिकों के फायदे के लिए प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण किया है, जीवन को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल की शक्ति को अपनाया है।
मोदी ने अकुशल और अप्रशिक्षित हाथों में कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी शक्तिशाली प्रौद्योगिकी के जाने और इसके दुरुपयोग के खतरे के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने समाज में गलत सूचना और ‘डीपफेक’ से संबंधित नुकसान पर नियंत्रण लगाने के लिए एआई-जनित सामग्री के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ को लेकर एक स्पष्ट प्रावधान की वकालत की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दुनिया में डिजिटल विभाजन के बारे में सुनते थे और उन्होंने फैसला किया था कि वह भारत में ऐसा नहीं होने देंगे।
मोदी ने कहा, ‘‘जब मैं दुनिया में डिजिटल विभाजन के बारे में सुनता था, तो मैं कहता था, मैं अपने देश में ऐसा नहीं होने दूंगा। डिजिटल आधारभूत संरचना अपने आप में एक बड़ी आवश्यकता है। मैं चाहता हूं गांवों में डिजिटल सुविधाएं हों।’’
डिजिटल सुविधाओं के लिए सराहना करते हुए गेट्स ने कहा कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी को अपना रहा है, बल्कि वास्तव में आगे बढ़ रहा है और कुछ डिजिटल सिस्टम के कारण बिचौलियों से छुटकारा मिला है, जो बहुत फायदेमंद है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक ऐसी सरकार का नेतृत्व करना चाहते हैं जिसमें लोगों के जीवन से किसी भी प्रकार का अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप समाप्त हो जाए।
भाषा आशीष