आईएफएफआई राज कपूर, तपन सिन्हा, एएनआर और मोहम्मद रफी की जन्म शताब्दी मनाएगा
आशीष माधव
- 04 Nov 2024, 06:33 PM
- Updated: 06:33 PM
नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के आगामी 55वें संस्करण में भारतीय सिनेमा की चार मशहूर हस्तियों राज कपूर, तपन सिन्हा, अक्किनेनी नागेश्वर राव (एएनआर) और मोहम्मद रफी की जन्म शताब्दी पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गोवा में आयोजित होने वाले इस समारोह में इन हस्तियों की कालजयी कृतियों के नए सिरे से संवारे गए संस्करण भी प्रस्तुत किए जाएंगे। 20 नवंबर को होने वाले आईएफएफआई के उद्घाटन समारोह में इन हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, साथ ही एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से उनकी सिनेमाई यात्रा को याद किया जाएगा।
एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘55वें आईएफएफआई का शताब्दी समारोह भारतीय सिनेमा पर राज कपूर, तपन सिन्हा, अक्किनेनी नागेश्वर राव और मोहम्मद रफी के प्रभाव को श्रद्धांजलि है।’’
इसमें कहा गया, ‘‘कला, इतिहास और संवादात्मक अनुभवों को एक साथ लाकर, आईएफएफआई इन प्रख्यात हस्तियों की विरासत के माध्यम से भावी पीढ़ियों को प्रेरित करना चाहता है।
इस महोत्सव में 22 नवंबर को एएनआर, 24 नवंबर को कपूर, 26 नवंबर को रफी और 27 नवंबर को सिन्हा को याद किया जाएगा।
वर्ष 1953 की तेलुगू फिल्म ‘‘देवदासु’’ का नए सिरे से संवारे गए संस्करण को इस समारोह में दिखाया जाएगा। इस फिल्म से एएनआर को जबरदस्त प्रशंसा मिली थी। 20 सितंबर को उनकी जन्म शताब्दी मनाई गई।
वहीं, 1970 और 1980 के दशक में सत्यजीत रे, रित्विक घटक और मृणाल सेन के साथ बांग्ला सिनेमा के सबसे प्रमुख निर्देशकों में से एक सिन्हा को उनकी 1976 की क्लासिक फ़िल्म ‘‘हारमोनियम’’ की प्रस्तुति के जरिये याद किया जाएगा। दो अक्टूबर को उनकी जन्म शताब्दी मनाई गई।
आईएफएफआई में डिजिटल रूप से बहाल की गई ‘‘आवारा’’ (1951) प्रदर्शित की जाएगी, जिसका निर्देशन और निर्देशन कपूर ने किया था, जिन्हें भारतीय सिनेमा के ‘शोमैन’ के रूप में जाना जाता है। रफी को 1961 की फिल्म ‘‘हम दोनो’’ में उनके गीतों के लिए याद किया जाएगा, जिसे इसके बेहतर ऑडियो और विजुअल रेस्टोरेशन में दिखाया जाएगा।
कपूर और रफी की जन्म शताब्दी क्रमशः 14 दिसंबर और 24 दिसंबर को आधिकारिक तौर पर मनाई जाएगी।
विशेष श्रद्धांजलि के रूप में, आईएफएफआई इन हस्तियों को समर्पित एक विशिष्ट ‘माई स्टैम्प’ का अनावरण करेगा, साथ ही एक ‘कारवां ऑफ सॉन्ग्स’ भी जारी करेगा, जो कपूर और रफी के 150 गीतों तथा सिन्हा और एएनआर से जुड़े 75 गीतों की एक संगीतमय यात्रा होगी।
एएनआर, कपूर, सिन्हा और रफी के जीवन से जुड़ी दुर्लभ स्मृति चिह्नों, तस्वीरों और कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए खुली रहेगी। आईएफएफआई का समापन 28 नवंबर को होगा।
भाषा आशीष