दिवाली पर दिल्ली में आग लगने की 318 सूचनाएं मिलीं, 13 साल में सबसे अधिक
प्रीति अविनाश
- 01 Nov 2024, 04:26 PM
- Updated: 04:26 PM
नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को इस साल दिवाली पर आग लगने की 300 से अधिक सूचनाएं मिलीं जो पिछले 13 साल में सबसे अधिक है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, बहुत ज्यादा पटाखों का उपयोग करने के कारण आग संबंधी घटनाओं के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है।
डीएफएस के प्रमुख अतुल गर्ग ने बताया, ‘‘यह आंकड़ा पिछले 13 वर्षों में दिवाली पर आग और आपातकालीन घटनाओं की सबसे अधिक संख्या को दर्शाता है।’’
डीएफएस ने बताया कि आग लगने की अधिकांश कॉल 31 अक्टूबर को शाम पांच बजे से एक नवंबर को सुबह पांच बजे के बीच प्राप्त हुईं।
डीएफएस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 2011 में 206, 2012 में 184, 2013 में 177, 2014 में 211, 2015 में 290, 2016 में 243, 2017 में 204, 2018 में 271, 2019 में 245, 2020 में 205, 2021 में 152, 2022 में 201 और 2023 में आग लगने की 208 कॉल मिली थीं।
गर्ग ने बताया, ‘‘इस साल हमें आग से संबंधित 318 कॉल प्राप्त हुईं। यह संख्या पिछले 13 वर्षों में सबसे अधिक है। हम सभी अग्निशमन इकाइयों और अधिकारियों की तैनाती के साथ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार थे। हमने सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी थीं और पूरे शहर में सभी की मदद के लिए तैयार थे।’’
उन्होंने बताया कि शाम चार बजे से नौ बजे के बीच आग लगने की घटनाओं के संबंध में कम से कम 78 कॉल आई थीं।
गर्ग ने बताया कि इस साल शाम छह बजे से रात 11.59 बजे के बीच आग लगने संबंधी 176 कॉल प्राप्त हुईं तथा रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक 144 कॉल आईं।
उन्होंने बताया, ‘‘पिछले साल इसी समय हमें आग संबंधी 195 घटनाओं की सूचना मिली थी।’’
दिल्लीवासियों ने पटाखों पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए दिवाली मनाई। रात भर लगातार पटाखे फोड़े जाने से दिल्ली में घना धुआं छा गया, जिससे गंभीर ध्वनि प्रदूषण हुआ और दृश्यता कम हो गई।
राजधानी में हर साल प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने लगातार पांचवें वर्ष पटाखों पर व्यापक प्रतिबंध लागू किया था, जिसके तहत उनके निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी गई थी।
इसी बीच, डीएफएस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि तीन मामले गंभीर प्रकृति के थे। उन्होंने बताया कि दो कॉल सागरपुर इलाके से मिलीं और एक दरियागंज इलाके से मिली।
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के अनुसार, सागरपुर थाने को आत्महत्या के संबंध में दो अलग-अलग सूचनाएं मिलीं।
पहली घटना में, मदनलाल नामक 44 वर्षीय व्यक्ति ने एयर इंडिया कॉलोनी के पास आत्महत्या कर ली।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘उसका शव एक ऑटोरिक्शा में मिला। वह शराब का आदी था और मजदूरी करता था। इस मामले के पीछे किसी गड़बड़ी का संदेह नहीं है।’’
उन्होंने बताया कि 22 वर्षीय एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने की भी सूचना मिली थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘शाम सात बजकर 16 मिनट पर एक और सूचना मिली की कि एक व्यक्ति ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक की पहचान तुषार के रूप में हुई है।’’
अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपने इस कदम के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
मध्य जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें दरियागंज इलाके में एक घर में 52 वर्षीय व्यक्ति की मौत के संबंध में सूचना मिली।
उन्होंने बताया, ‘‘वह किसी बीमारी से पीड़ित थे। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और इसलिए उनकी मौत हो गई।"
अधिकारी ने कहा कि उनकी मौत के पीछे किसी साजिश का संदेह नहीं है।
भाषा प्रीति