जम्मू में मुठभेड़ में दो और आतंकवादी ढेर, सेना ने कहा- ‘बड़ा हमला’ करने का मंसूबा नाकाम किया गया
अमित माधव
- 29 Oct 2024, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
(फोटो के साथ)
जम्मू, 29 अक्टूबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर के एक गांव के पास वन क्षेत्र में छिपे दो आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मंगलवार सुबह मार गिराया, जिससे नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास 27 घंटे तक चली मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अभियान को को ‘‘सफल’’ बताते हुए 10 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल समीर श्रीवास्तव ने कहा कि आतंकवादी एक ‘‘बड़े हमले’’ के लिए आए थे। उन्होंने कहा, ‘‘हम तैयार थे क्योंकि हमें लगातार सूचना मिल रही थी। वे एक इलाके में घिर गए थे और हमने निगरानी के लिए मानव रहित हवाई यान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित तकनीक का इस्तेमाल किया।’’
मेजर जनरल श्रीवास्तव ने कहा कि आतंकवादी सुरक्षा बलों के किसी काफिले को निशाना बनाने के इरादे से अंदरूनी इलाकों से इस क्षेत्र में आए थे, लेकिन त्वरित कार्रवाई से उनकी साजिश विफल हो गई।
नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सोमवार को सुबह सुरक्षा बलों के काफिले में शामिल सेना की एक एंबुलेन्स पर गोलीबारी करने वाले तीन आतंकवादियों में से एक को विशेष बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) कमांडो द्वारा शुरू किए गए एक अभियान के दौरान शाम तक मार गिराया गया। अभियान के दौरान बीएमपी-द्वितीय पैदल सेना लड़ाकू वाहनों का इस्तेमाल किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह सेना और पुलिस की संयुक्त दलों द्वारा बट्टल-खौर क्षेत्र के जोगवान गांव में अस्सन मंदिर के पास कार्रवाई शुरू किये जाने के बाद अन्य दो आतंकवादी मारे गए।
सेना अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमने अभियान में तीन कट्टर आतंकवादियों को मार गिराया तथा उनके पास से एक एम-4 कार्बाइन और दो एके असॉल्ट राइफल सहित भारी मात्रा में सामग्री बरामद की। यह एक ऐसा अभियान था, जिसमें हमारी ओर कोई जनहानि नहीं हुई तथा चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति के बावजूद इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।’’
मेजर जनरल श्रीवास्तव के साथ 28 इंफैंट्री ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर कपिल तनेजा और जम्मू-कठुआ-सांबा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक शिव कुमार शर्मा भी थे। मेजर जनरल श्रीवास्तव ने कहा कि आतंकवादियों का उद्देश्य अधूरा रह गया।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने हमारे काफिले पर गोलीबारी करने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने त्वरित प्रतिक्रिया की और उन्हें एक क्षेत्र में रोक दिया, ताकि वे भाग न सकें। हम पुलिस के अनुकरणीय समन्वय और नागरिकों को त्वरित सूचना प्रदान करने के लिए धन्यवाद देते हैं।’’
श्रीवास्तव ने कहा कि सफल अभियान से आतंकवादियों की साजिशें नाकाम हो जाएंगी और ‘‘वे भविष्य में ऐसा कोई प्रयास नहीं करेंगे।’’
अभियान के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले सेना के हमलावर कुत्ते फैंटम को श्रद्धांजलि देते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि कुत्ते ने कई लोगों की जान बचाई क्योंकि वह खोज दल का नेतृत्व कर रहा था और उसकी वजह से छिपे हुए आतंकवादियों में से एक को मार गिराये जाने में सफलता मिली।
बीएमपी-दो पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों के इस्तेमाल पर अधिकारी ने कहा कि जिस क्षेत्र में आतंकवादी छिपे हुए थे, वहां 30 डिग्री ढलान और घने जंगल थे।
उन्होंने कहा, ‘‘फंसे हुए आतंकवादियों पर काबू पाने के लिए कठोर वाहनों का इस्तेमाल किया गया। हम इस बात पर भी जोर देना चाहते हैं कि भारतीय सेना एक पेशेवर बल है और मारे गए आतंकवादी के शव का कोई अनादर नहीं किया गया।’’
सेना के अधिकारी ने यह भी कहा कि आतंकवादी इस क्षेत्र से अच्छी तरह वाकिफ थे और कहीं और से आए थे और उन्होंने सीमा पार से किसी नयी घुसपैठ की संभावना को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी मिल रही थी।’’
अभियान के दौरान सामने आई चुनौतियों के बारे में श्रीवास्तव ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती नागरिक आबादी की मौजूदगी थी और ‘‘हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना था कि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘घने जंगल और इलाके ने भी चुनौती पेश की, जिसे तकनीक के सफल इस्तेमाल से दूर किया गया।’’
श्रीवास्तव ने कहा कि मंदिर को नुकसान पहुंचाने का कोई जानबूझकर प्रयास नहीं किया गया, जहां आतंकवादी सबसे पहले दिखाई दिए और उनमें से एक ने तहखाने में शरण ली थी।
डीआईजी ने अखनूर के लोगों को राष्ट्रवादी बताया और कहा कि आतंकवादियों के बारे में उनकी समय पर मिली सूचना के कारण सुरक्षा बल जुटे और उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक अच्छी तरह से समन्वित अभियान था।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवादी घुसपैठ के नए तरीके अपना रहे हैं और आतंक पैदा करने के लिए सनसनीखेज हमले करने की कोशिश कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बल सभी खतरों को बेअसर करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
इससे पहले, सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर ने कहा कि रात भर की निगरानी के बाद, ‘‘आज सुबह एक भीषण गोलीबारी हुई, जिसके परिणामस्वरूप हमारे बलों को एक महत्वपूर्ण जीत मिली। अथक अभियान और सामरिक उत्कृष्टता के कारण तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया।’’
सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस सफल अभियान में युद्ध जैसे सामान की बरामदगी भी हुई, जो क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’
अधिकारियों ने बताया कि रात भर की शांति के बाद सुरक्षा बलों ने सुबह करीब सात बजे छिपे हुए आतंकवादियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद फिर से गोलीबारी शुरू हो गई।
उन्होंने बताया कि धमाकों के बाद एक घंटे से अधिक समय तक भीषण गोलीबारी हुई, जिसके बाद दूसरा आतंकवादी मारा गया। उन्होंने बताया कि तीसरे आतंकवादी के मारे जाने से पहले एक घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।
जम्मू क्षेत्र में यह ताजा मुठभेड़ कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के बीच हुई है, जहां पिछले दो सप्ताह में सात हमले हुए हैं, जिनमें दो सैनिकों शहीद हो गए और 11 अन्य की मौत हो गई।
भाषा अमित