प्रियंका ने मोदी सरकार पर वायनाड में पुनर्वास प्रयासों की ‘उपेक्षा’ करने का आरोप लगाया
संतोष सुरेश
- 29 Oct 2024, 09:37 PM
- Updated: 09:37 PM
वायनाड (केरल), 29 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अपना प्रचार अभियान तेज करते हुए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस पहाड़ी जिले के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के पुनर्वास के लिए धनराशि उपलब्ध नहीं कराके उनकी ‘उपेक्षा’ कर रही है और लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश में जुटी है।
प्रियंका ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार का रुख लोगों और राष्ट्र का सम्मान नहीं करने के उनके भाव को दर्शाता है और यह बात उसके पिछले 10 वर्ष के शासन के दौरान बनाई गई नीतियों से भी स्पष्ट है।
उन्होंने वायनाड में हुए भूस्खलन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जिले में आए, प्रभावित स्थानों का दौरा किया, लोगों से मिले और उन्हें हर तरह की मदद का वादा किया, लेकिन केंद्र सरकार ने इसके महीनों बाद भी प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए कोई धनराशि उपलब्ध नहीं कराई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश का संविधान उस राजनीति से उपजा है, जिसमें जनता को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है।
अपने चुनाव प्रचार के दूसरे दिन यहां थेरात्तम्माल में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘फिर भी आज हमारे देश में सत्तारूढ़ भाजपा एक बिल्कुल अलग तरह की राजनीति कर रही है। वे हमारे राष्ट्र के मूल तत्व को भूल चुके हैं। वे लोकतंत्र को नष्ट करने, क्रोध, घृणा और विभाजन फैलाने के लिए काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में बने रहना है, चाहे इसके लिए कोई भी तरीका क्यों न अपनाया जाए। पिछले 10 वर्षों में हमने इस राजनीति को बार-बार देखा है।’’
प्रियंका गांधी ने कहा कि इस तरह की राजनीति का ‘गंदा चेहरा’ वायनाड में देखा गया, जहां भूस्खलन से प्रभावित पीड़ितों के लिए केंद्र से मुआवजा नहीं आया, जबकि प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और प्रभावित लोगों से मिलने के बाद हर तरह की मदद का वादा किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश में भी हमने यही देखा। तो इस तरह की राजनीति केवल उन्हें लंबे समय तक सत्ता में रखने के लिए की जाती है और जनता की अनदेखी होती है।’’
बाद में यहां मम्पाड में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि वह इस तरह की राजनीति से लड़ने वाली हैं।
इससे पहले, उन्होंने यहां ईंगापुझा में एक नुक्कड़ सभा में कहा कि नोटबंदी समेत मोदी सरकार की नीतियां हमेशा प्रधानमंत्री के पांच-छह कारोबारी मित्रों का समर्थन करने के लिए बनाई जाती हैं और जनता को इनसे लाभ नहीं होता।
उन्होंने आगे दावा किया कि केंद्र सरकार ने किसानों के प्रति कोई दया नहीं दिखाई, देशभर में आदिवासी समुदायों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया और सार्वजनिक जरूरतों को पूरा करने के बजाय बड़े कॉरपोरेट को भूमि आवंटित कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक क्षेत्रों की उपेक्षा की गई है।
प्रियंका ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने भारत के लोगों के प्रति पूर्ण अनादर प्रदर्शित किया है। यदि आप लोगों के प्रति सम्मान खो देते हैं, तो आप देश के प्रति सम्मान खो देते हैं। आज देश में प्रचलित राजनीति (जहां केवल सत्ता मायने रखती है और लोगों का कोई महत्व नहीं है) को बदलने की जरूरत है।’’
उन्होंने मणिपुर में लगभग साल भर चली हिंसा का भी जिक्र किया और कहा कि किसी भी तरह से सत्ता में बने रहने की कोशिश करना ‘गलत राजनीति’ है।
प्रियंका ने कहा कि भले ही कांग्रेस केंद्र या केरल में सत्ता में नहीं है, लेकिन वह वायनाड के लोगों की समस्याओं को संसद में उठाएंगी।
पार्टी के एक बयान में कहा गया है कि अपने उपचुनाव अभियान के तहत प्रियंका ने मलप्पुरम के एडवाना में सेठी हाजी मेमोरियल फुटबॉल स्टेडियम का भी दौरा किया और वहां युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के साथ बातचीत की। उन्होंने वायनाड में खेल विकास और युवाओं का समर्थन करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस उपचुनाव के जरिये चुनावी मैदान में पहली बार उतरीं प्रियंका का वायनाड लोकसभा सीट पर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के वरिष्ठ नेता सत्यन मोकेरी और पूर्व विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी नव्या हरिदास के साथ मुकाबला है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस्तीफा देने के कारण वायनाड सीट पर उपचुनाव हो रहा है। राहुल ने इस साल हुए आम चुनाव में वायनाड और उत्तर प्रदेश की रायबरेली दोनों सीट से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी, जिसकी वजह से इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
भाषा संतोष