मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 10 लोग घायल, दो की हालत गंभीर: नगर निकाय अधिकारी
योगेश नेत्रपाल
- 27 Oct 2024, 11:25 PM
- Updated: 11:25 PM
मुंबई, 27 अक्टूबर (भाषा) मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन पर रविवार तड़के गोरखपुर जाने वाली एक ट्रेन में चढ़ने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में 10 लोग घायल हो गए जिनमें से दो की हालत गंभीर है । नगर निकाय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पश्चिम रेलवे ने हालांकि एक बयान में कहा कि घटना में दो लोग घायल हुए हैं। वहीं, नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि 10 घायलों में से दो की हालत गंभीर है।
आंकड़ों का तुरंत मिलान नहीं किया जा सका।
सूत्रों के अनुसार, दिवाली और छठ उत्सव के मद्देनजर अपने घरों को जाने के लिए लोग बड़ी संख्या में बांद्रा टर्मिनस पहुंचे। जब अनारक्षित ट्रेन को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा था तो कई यात्री उसमें चढ़ने के लिए दौड़ पड़े।
नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना तब हुई जब बड़ी संख्या में लोग 22921 बांद्रा-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस पर चढ़ने के लिए बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म-1 पर मौजूद थे।
पश्चिम रेलवे ने बताया कि यह घटना देर रात दो बजकर 45 मिनट पर बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म-1 पर तब हुई जब अंत्योदय एक्सप्रेस बांद्रा टर्मिनस यार्ड से प्लेटफॉर्म की ओर ‘‘धीरे-धीरे बढ़’’ रही थी।
पश्चिम रेलवे ने सुबह करीब साढ़े दस बजे जारी बयान में कहा, ‘‘इस दौरान प्लेटफॉर्म पर कुछ यात्रियों ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की, जिससे एक दुर्घटना में दो यात्री नीचे गिर गए और घायल हो गए।’’
रेलवे सूत्रों ने कहा कि प्रथम दृष्टया, कुछ लोग डिब्बों से टकराने के बाद या दो डिब्बों के बीच की जगह को पार करने की कोशिश करते समय प्लेटफॉर्म पर गिर गए।
पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आदर्श रूप से डिब्बों के दरवाजे तभी खोले जाते हैं जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह रुक जाती है, जिसके बाद यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध होकर ट्रेन में चढ़ने की अनुमति मिलती है।’’
बयान में कहा गया, ‘‘ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ, जीआरपी और होम गार्ड के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और घायल यात्रियों को नजदीकी भाभा राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया।’’
ज्यादातर घायलों की स्थिति स्थिर है, लेकिन दो घायलों की हालत गंभीर बताई जाती है।
बहरहाल, मुंबई आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और नगर निकाय के एक अधिकारी के अनुसार, अनारक्षित ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान भीड़भाड़ वाले ट्रेन टर्मिनस पर भगदड़ में 10 यात्री घायल हो गए।
नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि घायलों की पहचान शबीर अब्दुल रहमान (40), परमेश्वर सुखदर गुप्ता (28), रवींद्र हरिहर चूमा (30), रामसेवक रवींद्र प्रसाद प्रजापति (29), संजय तिलकराम कांगे (27), दिव्यांशु योगेंद्र यादव (18), मोहम्मद शरीफ शेख (25), इंद्रजीत साहनी (19) और नूर मोहम्मद शेख (18) के रूप में हुई है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि साहनी और नूर मोहम्मद शेख की हालत गंभीर है और उनका केईएम अस्पताल में उपचार हो रहा है। नूर को ऑक्सीजन प्रणाली पर रखा गया है।
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों से चलती ट्रेन में न चढ़ने और न ही ऐसी स्थिति में उतरने का अनुरोध किया है, क्योंकि यह खतरनाक है।
इसने एक बयान में कहा कि पश्चिम रेलवे आगामी दिवाली और छठ उत्सव के मद्देनजर विभिन्न गंतव्यों, खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए 130 से अधिक विशेष ट्रेन चला रहा है।
इस बीच, पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने एक वीडियो बयान में बताया कि निर्धारित प्रस्थान से करीब ढाई घंटे पहले तड़के पांच बजकर 10 मिनट पर ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर वापस लाया जा रहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, कुछ यात्रियों ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की, जिसके कारण वे घायल हो गए।’’
पश्चिम रेलवे के अधिकारी ने कहा कि त्योहारी मौसम पर विचार करते हुए उन्होंने मुंबई सेंट्रल, बांद्रा, वलसाड, उधना और अन्य स्टेशन से विशेष रेलगाड़ियों के 2,300 फेरों के लिए एक अधिसूचना जारी की है।
उन्होंने बताया कि रेलवे ने यात्रियों के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर भी बनाए हैं।
पश्चिम रेलवे ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुचारू यात्रा सुनिश्चित करने के लिए टिकटिंग कर्मियों के साथ ही राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मी पर्याप्त संख्या में स्टेशन पर तैनात हैं।
इस बीच, घटना के कुछ कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं और एक वीडियो में पैर में चोट लगने की वजह से एक व्यक्ति को प्लेटफॉर्म पर गिरे हुए तथा अन्य यात्रियों को उस पर ध्यान दिए बगैर ट्रेन में चढ़ते हुए देखा जा सकता है।
वहीं, एक वीडियो में आरपीएफ के एक अधिकारी को घायल यात्री को अपने कंधे पर ले जाते हुए, जबकि एक अन्य वीडियो में आरपीएफ के एक अधिकारी को कुछ यात्रियों के साथ एक घायल व्यक्ति को कपड़े का अस्थायी स्ट्रेचर बनाकर ले जाते हुए देखा गया।
पश्चिम रेलवे के एक सूत्र ने कहा, ‘‘सामान्य तौर पर ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकने के बाद बोगियों के दरवाजे खोले जाते हैं और फिर यात्री ट्रेन में चढ़ते हैं।’’
भगदड़ की घटना के मद्देनजर मध्य रेलवे और पश्चिमी रेलवे ने त्यौहार के दौरान भीड़ को कम करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफार्म टिकटों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया।
मध्य रेलवे ने कहा कि दिवाली और छठ के लिए सीएसएमटी और गोरखपुर के बीच दो अतिरिक्त अनारक्षित ट्रेनें चलाई जाएंगी।
इस घटना पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और शिवसेना सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसके लिए खराब बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया।
गांधी ने कहा कि भगदड़ भारत के चरमराते बुनियादी ढांचे का नवीनतम उदाहरण है।
उन्होंने कहा, "उद्घाटन और प्रचार तभी सार्थक होते हैं जब उनके पीछे जनता की सेवा के लिए एक ठोस आधार हो। जब रखरखाव के अभाव और सार्वजनिक संपत्ति की उपेक्षा के कारण लोगों की जान चली जाती है और रिबन काटने के बाद पुल, मंच या मूर्तियां ढहने लगती हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।"
राउत ने तीखा हमला करते हुए कहा, "रेल मंत्री बुलेट ट्रेन परियोजना में इतने व्यस्त हैं कि खराब बुनियादी ढांचे के कारण लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है।"
भाषा योगेश