दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार
जितेंद्र माधव
- 26 Oct 2024, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली की वायु गुणवत्ता में पिछले दो दिनों में मामूली सुधार होने के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘बहुत खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम चार बजे दर्ज किया गया 24 घंटे का एक्यूआई 255 दर्ज किया गया जबकि एक दिन पहले यह 270 था।
शहर के 40 मौसम निगरानी केंद्रों में से 36 ने आंकड़े साझा किए हैं, जिसमें यह सामने आया कि छह केंद्रों आनंद विहार, जहांगीरपुरी, मुंडका, वजीरपुर, विवेक विहार और सोनिया विहार में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ दर्ज किया गया जबकि बाकी जगह सूचकांक ‘खराब’ श्रेणी में रहा।
ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे पड़ोसी इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहतर रही और एक्यूआई ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
इस बीच, नोएडा और गाजियाबाद में राष्ट्रीय राजधानी के समान ‘खराब’ वायु गुणवत्ता दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञों ने पहले कहा था कि हवा की दिशा में बदलाव और हवा की गति में वृद्धि ने वायु गुणवत्ता में सुधार में योगदान दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में भी इसी तरह की हवा स्थिति बरकरार रहने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि आने वाले सप्ताह में किसी प्रकार की कोई बड़ी मौसमी गतिविधि की आशंका नहीं होने के कारण, स्थिति स्थिर रहने की संभावना है।
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में प्रमुख प्रदूषक पीएम10 और ओ3 थे।
इस बीच, दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान रहा।
शनिवार को शहर के वायु प्रदूषण में परिवहन से होने वाले उत्सर्जन का योगदान 14.8 प्रतिशत था।
सीपीसीबी के मुताबिक, अगले दो दिनों में दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान रहेगा।
सीपीसीबी के अनुसार, शाम पांच बजे पीएम 2.5 का स्तर 110.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया।
पीएम 2.5 से तात्पर्य सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने वाले सूक्ष्म कणों से है, जिनका व्यास सामान्यतः 2.5 माइक्रोमीटर या इससे छोटा होता है तथा ये स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा करते हैं।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उत्तर भारत में वायु प्रदूषण से निपटने की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए अगले 15 दिनों को ‘‘महत्वपूर्ण’’ बताया।
केंद्र सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में राय शामिल हुये। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र यादव के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण मंत्री भी शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में बिगड़ती वायु गुणवत्ता का आकलन करना और उसका समाधान करना था।
हालांकि, उन्होंने कहा कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि देखी, जो क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता के लिए एक बड़ा जोखिम है।
राय ने चेताया, ‘‘अगले 15 दिन महत्वपूर्ण हैं।’’
उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम से आने वाली मौसमी हवायें प्रदूषकों को दिल्ली एवं आसपास के इलाकों में ले जा सकती हैं, जिससे प्रदूषण का संकट और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन दिवाली के बाद का समय महत्वपूर्ण होगा।’’
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
दिन का तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विभाग ने रविवार को आसमान साफ रहने का अनुमान जताया और अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमश: 33 डिग्री सेल्सियस और 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई।
भाषा जितेंद्र