अधिकारियों ने कश्मीर से गैर-स्थानीय श्रमिकों के पलायन के मुफ्ती के दावे को खारिज किया
नोमान प्रशांत
- 22 Oct 2024, 09:32 PM
- Updated: 09:32 PM
श्रीनगर, 22 अक्टूबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के उस दावे को “निराधार अफवाह” बताकर मंगलवार को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि गगनगीर निर्माण स्थल पर आतंकवादी हमले के मद्देनजर गैर-स्थानीय श्रमिकों को घाटी छोड़ने के लिए कहा जा रहा है।
इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी।
महबूबा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से घाटी से गैर-स्थानीय मजदूरों के पलायन को रोकने को कहा था।
मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “सोनमर्ग में हुए बर्बर हमले के बाद ऐसी खबरें हैं कि स्थानीय प्रशासन गैर स्थानीय मजदूरों पर तत्काल घाटी छोड़ने का दबाव बना रहा है। हालांकि मैं उनके डर को समझ सकती हूं, लेकिन उन्हें इस तरह से घाटी छोड़ने के लिए कहना कोई समाधान नहीं है।”
पुलिस और नागरिक प्रशासन ने हालांकि इस दावे को “निराधार” बताते हुए खारिज कर दिया और लोगों से सोशल मीडिया पर ऐसी झूठी खबरों पर ध्यान न देने का आग्रह किया।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि प्रशासन द्वारा गैर-स्थानीय श्रमिकों को कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर करने संबंधी खबरें “निराधार हैं, इनमें कोई दम नहीं है।”
प्रवक्ता ने कहा, “संभागीय प्रशासन ने घाटी में गैर-स्थानीय श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपाय किए हैं। प्रशासन द्वारा गैर-स्थानीय श्रमिकों पर घाटी छोड़ने का दबाव डालने के बारे में सोशल मीडिया मंच पर कहीं गई बातें कोरी अफवाहें हैं।”
प्रशासन ने लोगों से बेबुनियाद अफवाहों को बढ़ावा देने से बचने का आग्रह किया तथा घाटी में शांति को बाधित करने की मंशा रखने वाले निहित स्वार्थ वाले व्यक्तियों के एजेंडे को विफल करने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने कहा कि श्रमिकों के चले जाने से और अधिक कठिनाइयां पैदा होंगी तथा देश में नकारात्मक संदेश जाएगा।
उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर में हाल ही में शांतिपूर्ण, आतंक मुक्त चुनाव संपन्न हुए हैं और यह जल्दबाजी में लिया गया निर्णय कुछ और ही साबित करेगा।”
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष ने कहा कि इस कदम से देश के अन्य हिस्सों में काम करने या पढ़ाई करने वाले कश्मीरियों के खिलाफ आक्रोश पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अनुरोध है कि वे हस्तक्षेप करें और कम से कम उन्हें पर्याप्त समय दें।”
रविवार शाम श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकवादियों ने एक डॉक्टर और छह मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
कश्मीर जोन पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गैर-स्थानीय मजदूरों को घाटी से जाने के लिए कहने के दावे झूठे हैं।
भाषा नोमान