डीयू परिसर अब भी ‘गंदा’, डूसू उम्मीदवार पोस्टर हटाएं: उच्च न्यायालय
खारी नरेश
- 22 Oct 2024, 04:48 PM
- Updated: 04:48 PM
नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने छात्र संघ चुनाव के उम्मीदवारों को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) परिसर को साफ करने और दीवारों को फिर से पेंट करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि परिसर अब भी चुनाव के दौरान छात्र संघों द्वारा की गयी ‘चुनावी ज्यादती’ से उबर नहीं पाया है और ये ‘‘काफी गंदा’’ नजर आ रहा है।
मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने 27 सितंबर को हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) 2024-25 के चुनाव में उतरने वाले 16 विद्यार्थियों को पक्षकार बनाया और उन्हें 28 अक्टूबर को उसके समक्ष पेश होने और अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने कहा कि साफ-सफाई का काम छात्र उम्मीदवार विश्वविद्यालय या कॉलेज के सहयोग से करें।
याचिकाकर्ता के अनुरोध पर अदालत ने भानु प्रताप सिंह, रौनक खत्री, यश पंवार, ऋषभ चौधरी, लोकेश चौधरी, यश नांदल, राहुल सिंह डेढा, अमन कपासिया, दीपिका झा, शिवम मौर्य, हिमांशु नागर, आर्यन मान, ऋषि राज सिंह, राहुल झांसला और प्रियांशु चौधरी को पक्षकार बनाया।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि मुख्य तौर पर इन उम्मीदवारों ने परिसर को गंदा किया।
हालांकि अदालत ने इन उम्मीदवारों को दिल्ली विश्वविद्यालय और कॉलेज के सहयोग से सभी पोस्टर, भित्तिचित्र हटाने और दीवारों को फिर से रंगने का निर्देश दिया।
अदालत ने डीयू को नए पक्षकारों को व्हॉट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से 28 अक्टूबर को अदालत में पेश होने के लिए सूचित करने को कहा।
अदालत ने अपनी चेतावनी को भी दोहराया। अदालत ने डूसू चुनाव के नतीजे जारी करने पर तब तक के लिए रोक लगा दी थी जब तक कि सभी विरूपण सामग्री साफ नहीं की जाती और सार्वजनिक संपत्ति की रंगत वापस नहीं लौटा दी जाती।
डीयू के दो अलग-अलग कॉलेज में चुनाव में उतरे दो उम्मीदवारों ने अदालत से मतगणना कराने और परिणाम घोषित करने की अनुमति देने का आग्रह किया और कहा कि उन्होंने क्षेत्र की साफ-सफाई की पहल की है और अन्य छात्रों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है।
अदालत ने दोनों उम्मीदवारों के प्रयास की सराहना की और कहा कि तस्वीरें और वीडियो से पता चलता है कि परिसर अब भी काफी गंदा है।
पीठ ने कहा, ‘‘...उत्तरी और दक्षिणी दोनों परिसर चुनाव के दौरान हुए नियमों के उल्लंघन का दंश झेल रहे हैं और वे अब भी काफी गंदे दिख रहे हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि बड़ी संख्या में पोस्टर/होर्डिंग/बैनर/भित्तिचित्र हटाए नहीं गए हैं और कई कॉलेज की चारदीवारी को अभी तक रंगा नहीं गया है।’’
अदालत ने दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम और डीयू को नयी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की।
डूसू चुनाव के लिए मतदान 27 सितंबर को हुआ था, लेकिन अदालत ने 28 सितंबर को होने वाली मतगणना पर रोक लगा दी थी।
अदालत अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मनचंदा ने डूसू उम्मीदवारों और सार्वजनिक दीवारों को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने, उन्हें गंदा करने और क्षतिग्रस्त करने में शामिल छात्र संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया था।
भाषा
खारी