बीसीआई ने अधिवक्ताओं से केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन से अलग रहने का आग्रह किया
सुरेश पवनेश
- 27 Mar 2024, 09:00 PM
- Updated: 09:00 PM
नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई)ने एक बयान जारी कर वकीलों से आग्रह किया है कि वे तब तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ किसी भी विरोध प्रदर्शन से तब तक दूर रहें जब तक कि उन्हें निर्दोष घोषित नहीं कर दिया जाता।
आम आदमी पार्टी (आप) के कानूनी प्रकोष्ठ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ सभी जिला अदालतों में वकीलों से विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘आइए, हम अपने महान पेशे की अखंडता और गरिमा को बनाए रखें, जब तक कि एक सक्षम अदालत स्पष्ट रूप से अरविंद केजरीवाल की बेगुनाही को स्थापित नहीं कर देती या उनकी गिरफ्तारी को अनुचित या गैरकानूनी घोषित नहीं कर देती, तब तक किसी भी आंदोलन से दूर रहें।’’
यह रेखांकित करते हुए कि "वकीलों के आंदोलन का कोई स्पष्ट आधार नहीं था", बीसीआई ने कहा कि आप से जुड़े कुछ व्यक्तियों की "संदिग्ध पृष्ठभूमि" रही है, जिससे "उनके उद्देश्यों की सत्यनिष्ठा" पर संदेह पैदा हुआ है।
छब्बीस मार्च को जारी बयान में कहा गया है, ‘‘अरविंद केजरीवाल सहित आप के सदस्यों के खिलाफ फर्जी डिग्री और भ्रष्टाचार के आरोपों के खुलासे जैसे उदाहरणों पर ध्यान देना प्रासंगिक है।''
बयान के अनुसार, ‘‘प्रथम आप सरकार में कानून मंत्री के रूप में नियुक्त जितेंद्र सिंह तोमर की शैक्षिक योग्यता की जांच को देखते हुए और डिग्री फर्जी साबित होने के मद्देनजर अधिवक्ता समुदाय का ऐसे संदिग्ध लोगों के साथ जुड़ना नासमझी होगी।’’
वकीलों के शीर्ष संगठन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जहां केजरीवाल को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, वहीं कानूनी प्रकोष्ठ के संयोजक संजीव नासियार की कानून की डिग्री को लेकर बीसीआई जांच कर रही थी।
मिश्रा ने बयान में कहा, "मैं दिल्ली की वकील बिरादरी के सम्मानित सहयोगियों से आग्रह करता हूं कि वे अनुचित आंदोलन में शामिल होने या विभाजनकारी राजनीति के आगे झुकने के प्रलोभन का विरोध करें।"
इस बीच, कुछ वकीलों ने पटियाला हाउस, तीस हजारी, साकेत और कड़कड़डूमा जिला अदालत परिसरों के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने 'वकीलों के लिए केजरीवाल' और 'वकीलों को केजरीवाल से प्यार है' के नारे के साथ केजरीवाल के कटआउट ले रखे थे।
अदालत के सूत्रों ने कहा कि रोहिणी और द्वारका अदालतों के पास विरोध प्रदर्शन नहीं किया गया।
हालांकि, वकील संजीव नासियार ने कहा कि वकीलों का विरोध प्रभावशाली था। नासियार दिल्ली विधिज्ञ परिषद के उपाध्यक्ष भी हैं।
बीसीआई के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नासियार ने कहा कि वह विस्तृत विवरण में नहीं जाना चाहते हैं, लेकिन पत्र से ऐसा प्रतीत होता है कि बीसीआई का मानना है कि प्रदर्शनकारी वकील अदालतों के अंदर कार्यवाही को विफल करना चाहते हैं।
भाषा सुरेश