पिछले 10 वर्षों में और मजबूत होकर उभरी नेशनल कॉन्फ्रेंस : उमर अब्दुल्ला
नेत्रपाल धीरज
- 19 Oct 2024, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
(तस्वीर के साथ)
जम्मू, 19 अक्टूबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को भाजपा पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में नेशनल कांफ्रेंस को खत्म करने के कई प्रयास किए गए लेकिन पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के कारण और मजबूत होकर उभरी।
नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 90 सीट के लिए हुए चुनाव में 42 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा समाप्त किए जाने और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद यह पहला चुनाव था।
अब्दुल्ला ने यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पिछले आठ-दस साल में पार्टी को कमजोर करने की ही नहीं, बल्कि पूरी तरह मिटाने के प्रयास किए गए। ऐसी कौन सी चाल है जो हमारे खिलाफ नहीं चली गई? हमारे साथियों को धमकाया गया, लालच दिया गया, लेकिन उनमें से ज्यादातर ने पार्टी के साथ खड़े होकर साजिशों को नाकाम किया।’’
बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली बार जम्मू आए अब्दुल्ला का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर इशारा करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व ने इन शक्तियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और कुछ नेताओं को छोड़कर किसी ने पार्टी नहीं छोड़ी।
मुख्यमंत्री ने भाजपा में शामिल हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा और पूर्व मंत्री एसएस सलाथिया का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जो लोग पार्टी छोड़कर गए थे, उन्हें लगा था कि उनके पार्टी छोड़ने से नेशनल कॉन्फ्रेंस खत्म हो जाएगी। लेकिन यह साबित हो गया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस नेताओं की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है।’’
अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी को सबसे पहले ईश्वर से और फिर अपने कार्यकर्ताओं से ताकत मिलती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मजबूत कैडर ने तूफान का सामना किया है।’’
विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के लिए मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सात में से पांच निर्दलीय विधायकों ने बिना किसी पूर्व शर्त के पार्टी को अपना समर्थन दिया है।
मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार उनके कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र प्रेस के बिना लोकतंत्र अधूरा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मीडियाकर्मियों के साथ कोई अन्याय न हो। वे मेरी सरकार की किसी भी खामी की आलोचना करने के लिए स्वतंत्र हैं।’’
भाषा नेत्रपाल