विजया किशोर रहाटकर को एनसीडब्ल्यू का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया
सुभाष पवनेश
- 19 Oct 2024, 10:38 PM
- Updated: 10:38 PM
नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व प्रमुख विजया किशोर रहाटकर को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) का नौवां अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
रहाटकर, एनसीडब्ल्यू में रेखा शर्मा की जगह लेंगी।
शनिवार को जारी एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 की धारा 3 के तहत की गई यह नियुक्ति तीन साल की अवधि या रहाटकर के 65 वर्ष के होने (दोनों में जो भी पहले हो) तक के लिये होगी।
रहाटकर का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से शुरू होगा। यह घोषणा भारत के राजपत्र में भी प्रकाशित की जाएगी।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए रहाटकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) जैसी संवैधानिक और विधायी संस्था की अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देती हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाऊंगी। इसका लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक भागीदारी जैसे विभिन्न आयामों में महिलाओं की क्षमता, अवसर और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाकर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ना है।’’
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक अधिसूचना के अनुसार, डॉ. अर्चना मजूमदार को आधिकारिक तौर पर तीन साल के कार्यकाल के लिए एनसीडब्ल्यू का सदस्य नियुक्त किया गया है।
एनसीडब्ल्यू महिलाओं के अधिकारों की दिशा में काम करता है। इसके कार्यों में महिलाओं के लिए प्रदान किए गए संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा उपायों की समीक्षा करना शामिल है।
मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, रहाटकर ने विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों में नेतृत्व कौशल दिखाया है।
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष (2016-2021) रहने के दौरान उन्होंने ‘‘सक्षमा’’ (तेजाब हमले की पीड़िताओं के लिए सहयोग), ‘‘प्रज्ज्वला’’ (स्वयं सहायता समूहों को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ना) और ‘‘सुहिता’’ (महिलाओं के लिए चौबीसों घंटे की हेल्पलाइन सेवा) जैसी पहल का नेतृत्व किया।
रहाटकर ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, तीन तलाक विरोधी प्रकोष्ठ और मानव तस्करी रोधी इकाइयों जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कानूनी सुधारों पर भी काम किया।
रहाटकर ने डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम भी शुरू किए और महिलाओं के मुद्दों को समर्पित ‘‘साद’’ नामक प्रकाशन भी शुरू किया।
छत्रपति संभाजीनगर की 2007 से 2010 तक महापौर रहने के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे से जुड़ी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं लागू कीं।
उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक की डिग्री और इतिहास से परास्नातक की डिग्री हासिल की है।
रहाटकर ने ‘‘विधिलिखित’’ और ‘‘औरंगाबाद : लीडिंग टू वाइड रोड्स’’ समेत कई किताबें भी लिखी है।
महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान के लिए उन्हें कई सम्मान से नवाजा जा चुका है, जिनमें राष्ट्रीय कानून पुरस्कार और राष्ट्रीय साहित्यिक परिषद द्वारा दिया जाने वाला सावित्रीबाई फुले पुरस्कार शामिल हैं।
भाषा सुभाष