कांग्रेस ने धान खरीद में देरी को लेकर केंद्र, पंजाब सरकार पर साधा निशाना
आशीष धीरज
- 14 Oct 2024, 07:20 PM
- Updated: 07:20 PM
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने धान की फसल के भंडारण के बढ़ते संकट को लेकर सोमवार को केंद्र और पंजाब की भगवंत मान नीत आप सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने की पूर्व नियोजित साजिश है।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मान पर निशाना साधा जिन्होंने सोमवार को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की। बाजवा ने कहा कि हर साल एक अक्टूबर से खरीद शुरू होने के बावजूद मान अपनी ‘‘नींद’’ से देर से जागे हैं।
बाजवा ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पंजाब की मुख्य नकदी फसल धान है। पंजाब में धान का उत्पादन 180-185 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें से 99 प्रतिशत चावल केंद्रीय पूल और जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) में जाता है।’’
उन्होंने कहा कि यह समस्या पिछले साल भी आई थी, जब पंजाब का चावल यहां के गोदामों में पड़ा था। उन्होंने कहा कि आमतौर पर हर साल एक अक्टूबर से खरीद शुरू होती है, लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी केवल पांच लाख मीट्रिक टन चावल ही आ पाया है।
बाजवा ने कहा, ‘‘मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि भगवंत मान को छह महीने पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जोशी से मिलना चाहिए था, क्योंकि हमारे गोदाम भरे हुए हैं और उनकी क्षमता पांच प्रतिशत भी नहीं है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘...उन्होंने (मान ने) कहा है कि जोशी ने आश्वासन दिया कि पुराने गोदाम तब खाली किए जाएंगे जब ऐसे गोदामों में चावल का भंडार एक लाख मीट्रिक टन हो जाएगा। चार महीने में गोदाम खाली नहीं किए जा सकते, भले ही पूरा रेलवे लगा दिया जाए।’’ बाजवा ने दावा किया कि इसलिए अब बहुत अधिक मात्रा में माल आ जाएगा और भंडारण के लिए जगह नहीं बचेगी।
बाजवा ने आरोप लगाया कि यह सब एक ‘‘पूर्व-नियोजित साजिश’’ और पंजाब की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भगवंत मान की योजना के तहत हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसान सड़कों पर उतरेंगे तो इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले भी जब कृषि संकट आया, तो कानून-व्यवस्था बिगड़ी है... हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।’’
बाजवा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री से कोई उम्मीद रखने का कोई मतलब नहीं है। बाजवा ने कहा, ‘‘वह अनुभवहीन, स्टैंड अप कॉमेडियन हैं, पंजाब इसकी कीमत चुका रहा है। उनका एक हाथ केजरीवाल के साथ और दूसरा गृह मंत्रालय के साथ है।’’
पंजाब के किसानों ने चालू खरीफ विपणन सत्र में धान की कथित धीमी खरीद के खिलाफ रविवार को राज्य में कई स्थानों पर सड़कें जाम कर दीं और पटरी पर धरना दिया।
भाषा आशीष