चीन ने ताइवान के आसपास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया
एपी गोला नरेश
- 14 Oct 2024, 01:19 PM
- Updated: 01:19 PM
ताइपे, 14 अक्टूबर (एपी) चीन ने सोमवार को ताइवान और उसके बाहरी द्वीपों के आसपास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया, जिसमें युद्धक विमानों के साथ एक विमानवाहक पोत भी तैनात किया गया। उसका यह कदम ताइवान जलडमरूमध्य में तनावपूर्ण स्थिति को दर्शाता है।
चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बीजिंग की उन मांगों को मानने से इनकार करने की प्रतिक्रिया है कि ताइवान खुद को कम्युनिस्ट पार्टी के शासन के तहत चीन के हिस्से के रूप में स्वीकार करे।
इन अभ्यासों से चार दिन पहले ताइवान ने अपने राष्ट्रीय दिवस पर अपनी सरकार की स्थापना का जश्न मनाया था जिसमें ताइवान के राष्ट्रपति ने कहा था कि चीन को ताइवान का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है और उन्होंने ‘‘कब्जे या अतिक्रमण का विरोध’’ करने की अपनी प्रतिबद्धता की घोषणा की थी।
ताइवान की सुरक्षा परिषद के महासचिव जोसेफ वू ने ताइपे में कहा, ‘‘हमारी सेना चीन की धमकी से निश्चित तौर पर उचित तरीके से निपटेगी। अन्य देशों को बल प्रयोग कर धमकाना शांतिपूर्ण तरीके से विवादों को हल करने की संयुक्त राष्ट्र चार्टर की मूल भावना का उल्लंघन करता है।’’
ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने चीन से ‘‘ऐसे सैन्य उकसावे बंद करने का आह्वान किया जो क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को कमजोर करते हैं और उन्होंने ताइवान के लोकतंत्र एवं स्वतंत्रता को चुनौती देना बंद करने का भी आह्वान किया।’’
चीन ने अभ्यासों के लिए अपने लियानिंग विमानवाहक पोत को भी तैनात किया और सरकारी प्रसारणकर्ता सीसीटीवी ने पोत से जे-15 लड़ाकू विमान को उड़ान भरते हुए दिखाया।
चीन के पूर्वी थिएटर कमान के प्रवक्ता नेवी सीनियर कैप्टन ली शी ने कहा कि अभ्यासों में नौसेना, वायु सेना, मिसाइल कोर ने भाग लिया।
ली ने एक बयान में कहा, ‘‘यह उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं और हमारी राष्ट्रीय संप्रभुत्ता की रक्षा के लिए हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।’’
इसके साथ ही चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय ने सोमवार को घोषणा की कि वह ताइवान की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के काम के लिए ताइवान के दो लोगों पूमा शेन और रॉबर्ट त्साओ पर प्रतिबंध लगा रहे हैं।
द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में चीन के साथ एकीकृत होने से पहले ताइवान एक जापानी उपनिवेश था। 1949 में यह उससे अलग हो गया जब माओ त्से तुंग के कम्युनिस्टों के चीन में सत्ता में आने के बाद उनके विरोधी च्यांग काई-शेक के समर्थक भागकर ताइवान आ गए।
एपी गोला