बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: एक आरोपी को 21 अक्टूबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया
जोहेब रंजन
- 13 Oct 2024, 07:13 PM
- Updated: 07:13 PM
मुंबई, 13 अक्टूबर (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में गिरफ्तार दो में से एक आरोपी को रविवार को 21 अक्टूबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने पुलिस को दूसरे आरोपी की उम्र पता लगाने के लिए उसका अस्थि परीक्षण कराने का निर्देश दिया क्योंकि उसने नाबालिग होने का दावा किया है।
सिद्दीकी (66) को शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे बांद्रा ईस्ट के निर्मल नगर इलाके में गोली मार दी गई और कुछ देर बाद पास के लीलावती अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
हरियाणा के निवासी आरोपी गुरमेल सिंह और उत्तर प्रदेश के निवासी धर्मराज कश्यप की हिरासत की मांग करते हुए पुलिस ने अदालत से कहा कि वह यह जांच करना चाहती है कि क्या महाराष्ट्र में आगमी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों से 28 गोलियां बरामद की गई हैं और विस्तृत जानकारी प्राप्त करने तथा आगे कोई वारदात होने से रोकने के लिए हिरासत में पूछताछ की जरूरत है।
पुलिस ने बताया कि मामले में दो लोगों की तलाश जारी है और जांच के लिए दस टीम गठित की गई हैं।
अदालत ने सिंह को 21 अक्टूबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि कश्यप की उम्र पता लगाने के लिए अस्थि परीक्षण का आदेश दिया।
अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह दूसरे आरोपी को जांच के बाद फिर से पेश करे। इसके बाद अदालत तय करेगी कि उसके खिलाफ कार्यवाही किशोर न्यायालय में होगी या सामान्य न्यायालय में।
हिरासत आवेदन पर सुनवाई के आरंभ में कश्यप ने अदालत को बताया कि वह 17 वर्ष का है, इसलिए नाबालिग है।
हालांकि, पुलिस ने अदालत को बताया कि उन्हें जो आधार कार्ड मिला है, उसके हिसाब से आरोपी की उम्र 21 वर्ष है। पुलिस ने यह भी कहा कि उसने कोई अन्य दस्तावेज जब्त नहीं किया है, जिससे कश्यप की उम्र की पुष्टि हो सके।
इसके बाद अदालत ने कार्यवाही रोक दी और अभियोजन पक्ष से आधार कार्ड पेश करने को कहा। पुलिस ने अपने एक अधिकारी के मोबाइल फोन से ली गई आधार कार्ड की तस्वीर पेश की।
अदालत ने बचाव पक्ष से पूछा कि क्या आधार कार्ड पर दी गई जानकारी सही है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि जानकारी सही है।
हालांकि, कार्ड पर लगी तस्वीर कश्यप की नहीं थी। फिर भी अदालत ने हिरासत आवेदन पर सुनवाई जारी रखी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों की 14 दिन की हिरासत मांगते हुए कहा कि गोलीबारी की घटना से पहले दोनों कुछ दिन तक मुंबई और पुणे में रुके थे और यह पता लगाने की जरूरत है कि उन्हें कौन पैसा दे रहा था।
पुलिस ने अदालत को बताया कि यह पता लगाने के लिए भी जांच की जरूरत है कि दोनों ने अपराध में इस्तेमाल हथियार और वाहन कैसे हासिल किया, साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि गोली चलाने का प्रशिक्षण किसने दिया था।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि मृतक कोई साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि सुरक्षा प्राप्त पूर्व मंत्री था, फिर भी आरोपियों ने उसे गोली मार दी।
पुलिस ने अदालत को बताया कि यह एक गंभीर अपराध है और विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए इस बात की जांच की जानी चाहिए कि किसी राजनीतिक रंजिश के चलते तो इस वारदात को अंजाम नहीं दिया गया।
पुलिस ने यह भी कहा कि इस बात की भी जांच की जानी चाहिए कि क्या इस मामले में कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध है।
दोनों आरोपियों की ओर से पेश हुए वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने दलील दी कि अपराध "बहुत दुखद और निराशाजनक" था, लेकिन दोनों की भूमिका साबित नहीं हुई। अग्रवाल ने कहा कि हो सकता है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण उनकी हत्या की गई हो और दोनों आरोपियों को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया हो।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिंह को पुलिस हिरासत में भेज दिया और कश्यप का ‘बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट’ कराने का आदेश दिया।
सिद्दीकी बांद्रा वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से तीन बार कांग्रेस के विधायक रहे थे, हालांकि वह 2014 और 2019 में चुनाव हार गए थे।
मुंबई के एक प्रमुख मुस्लिम नेता सिद्दीकी बॉलीवुड की कई हस्तियों के साथ दोस्ती के लिए भी प्रसिद्ध थे। वह हाल ही में अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे।
भाषा जोहेब