दक्षिण रेलवे की लाइन को दुरूस्त किये जाने के बाद पहली ट्रेन कावरापेट्टई स्टेशन से गुजरी
सुभाष
- 13 Oct 2024, 12:55 AM
- Updated: 12:55 AM
चेन्नई, 12 अक्टूबर (भाषा) दक्षिण रेलवे द्वारा पटरी से उतरे डिब्बों को हटाए जाने और लाइन को दुरूस्त किये किए जाने के बाद शनिवार रात को पहली ट्रेन कावरापेट्टई स्टेशन से गुजरी। रेलवे ने यह जानकारी दी।
रेलवे ने मरम्मत कार्य पर ताजा जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेन संख्या 12434 (चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस) आज रात सवा नौ बजे कावरापेट्टई रेलवे स्टेशन की ‘अप मेनलाइन’ से गुजरी, जो सामान्य स्थिति बहाल होने का संकेत है।
रेलवे ने कहा कि ट्रेन के गुजरने से एक घंटे पहले, पटरी को पहली ट्रेन के लिए 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के लिए तैयार किया गया था और दो ट्रेन के गुजरने के बाद गति बढ़ाई जाएगी।
एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘कावरापेट्टई में मरम्मत कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और ‘अप लाइन’ अब पटरी से उतरे हुए डिब्बों को हटाया जा चुका है।’’
ट्रेन संख्या 12578 मैसुरु-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस के नौ एसी कोच और एक पावर कार सहित कुल 10 डिब्बे और मालगाड़ी के दो वैगन को क्रेन की मदद से हटाया गया। यह ट्रेन 11 अक्टूबर को रात साढ़े आठ बजे कावरापेट्टई में एक मालगाड़ी से टकरा गई थी।
विज्ञप्ति में कहा गया है,‘‘पटरी से उतरे ‘रोलिंग स्टॉक’ को हटाने के साथ ही बहाली और ‘ओवरहेड इक्विपमेंट’ (ओएचई) का काम शुरू हो गया है।’’
मार्ग के बहाल होने के बाद दक्षिणी रेलवे ने ट्रेन मार्गों को परिवर्तित किए जाने संबंधी अपनी पिछली अधिसूचना वापस ले ली और कहा कि ट्रेन सामान्य मार्ग पर चलेंगी।
रेलवे अधिकारी काम पूरा करने और रेल यातायात बहाल करने के लिए तेजी से काम कर रहे है।
इससे पहले दक्षिण रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एम. सेंथमिल सेल्वन ने एक विज्ञप्ति में बताया कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिणी सर्किल, बेंगलुरु) ए एम चौधरी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर सिग्नल, ‘स्टेशन इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम’, नियंत्रण पैनल और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा, सिग्नल और परिचालन पहलुओं का गहन निरीक्षण किया।
रेलवे ने बताया कि ट्रेन संख्या 12578 मैसुरु-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस 11 अक्टूबर को रात करीब साढ़े आठ बजे एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गयी थी और यात्रियों को बसों से पोन्नेरी और फिर दो ईएमयू विशेष ट्रेन से चेन्नई सेंट्रल ले जाया गया।
इस बीच, दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के 1,800 से अधिक यात्रियों को यहां मध्य रेलवे स्टेशन से एक विशेष ट्रेन से दरभंगा के लिए रवाना किया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
रेलवे की विज्ञप्ति में बताया गया है कि यात्रियों को भोजन के पैकेट और पानी उपलब्ध कराया गया और विशेष ट्रेन सुबह चार बजकर 45 मिनट पर रवाना हो गयी।
दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक आर.एन. सिंह ने बताया, ‘‘उसे यहां (कावरापेट्टई स्टेशन) पर नहीं रुकना था। चालक उचित तरीके से सिग्नल का पालन कर रहा था, लेकिन ट्रेन को मुख्य लाइन में जाना था। इसके बजाय वह लूप लाइन में चली गयी, यहीं गड़बड़ी हुई।’’
सिंह ने पत्रकारों को बताया कि ऐसा किस वजह से हुआ जांच का विषय है। सात से आठ लोगों को चोटें आयी हैं।
दक्षिणी रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डी. ओम प्रकाश ने कहा, ‘‘गंभीर रूप से घायल तीन यात्रियों को स्टेनली मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और चार यात्रियों का पोन्नेरी के सरकारी अस्पताल में उपचार किया गया, उन्हें मामूली चोटें आयी थीं। उन्हें नियमों के अनुसार अनुग्रह राशि दी गयी है।’’
इस बीच, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने यहां स्टेनली अस्पताल में उपचार करा रहे घायल यात्रियों से मुलाकात की।
प्रकाश ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘रेलवे ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।’’
इससे पहले, दरभंगा एक्सप्रेस के यात्रियों की सेंट्रल स्टेशन पर लगाए एक चिकित्सा शिविर में रेलवे के चिकित्सकों ने जांच की जिसके बाद उन्हें विशेष ट्रेन से आगे की यात्रा के लिये रवाना किया गया।
भाषा
सिम्मी