बंगाल में चिकित्सकों के विरोध प्रदर्शन का ‘महाअष्टमी उत्सव’ पर दिखा असर
शुभम धीरज
- 11 Oct 2024, 09:59 PM
- Updated: 09:59 PM
कोलकाता, 11 अक्टूबर (भाषा) दुर्गा पूजा उत्सव के आठवें दिन ‘महाअष्टमी’ पर करीब दो महीने पहले सरकारी आर.जी. कर अस्पताल में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद हुई उसकी हत्या एवं उसके लिए न्याय की मांग कर रहे चिकित्सकों के विरोध प्रदर्शन का असर दिखा।
हालांकि, दिन की शुरुआत राज्य भर के विभिन्न पंडालों में पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई, लेकिन कनिष्ठ चिकित्सकों के चल रहे प्रदर्शन के कारण कुल मिलाकर माहौल फीका रहा।
दिन में लोग समय के साथ धीरे-धीरे सड़कों पर निकले और सुंदर ढंग से सजाए गए पंडालों को देखने पहुंचे।
कोलकाता के लोकप्रिय पंडालों में भीड़ उमड़ पड़ी और विभिन्न जिलों में भी इसी तरह के दृश्य देखने को मिले।
संतोष मित्रा स्क्वायर पर पूजा समिति ने जलते हुए दीप प्रदर्शित कर चिकित्सक (बलात्कार के बाद जिसकी हत्या कर दी गयी थी) के लिए न्याय की मांग की।
नाकतला नबापल्ली सर्बोजोनिन दुर्गा पूजा समिति ने आंदोलनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों के समर्थन में पंडाल के चारों ओर कई बैनर लगाए।
कई स्थानीय पूजा समितियों ने इस साल सामुदायिक भोज आयोजित नहीं करने का फैसला किया। कई समितियों ने आंदोलनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए संगीत नहीं बजाने का भी फैसला किया।
सिलीगुड़ी हकीमपाड़ा दुर्गा पूजा (जिसका आयोजन महिलाओं ने किया है) में पंडाल के पास सफेद कपड़े में लिपटा एक स्मारक स्थापित किया गया है, जिसमें एक काल्पनिक महिला का चित्र बनाया गया है, जिसके हाथों से अपना चेहरा ढका हुआ है। इस तरह आर जी कर अस्पताल की महिला चिकित्सक को श्रद्धांजलि दी गयी है।
सुबह लाखों भक्त रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ में एकत्र हुए, जहां परंपराओं के अनुसार कुमारी पूजा (मां दुर्गा के रूप में एक लड़की की पूजा) की गई।
राज्य में त्रिधारा बर्दवान दुर्गोत्सव, विवेकानंद सेवा केंद्र, बारानगर सहित कई घरेलू पूजा और सामुदायिक पूजा पंडालों में भी कुमारी पूजा का आयोजन किया गया।
दोपहर में आंदोलनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों ने आर जी कर मेडिकल कॉलेज की अपनी सहकर्मी (पीड़ित महिला चिकित्सक) के लिए न्याय की मांग करते हुए एस्प्लेनेड क्षेत्र में एक ‘महा समाबेश’ (महा जुलूस) निकाला।
एक पंडाल में रेखाचित्र के नीचे ‘‘हम न्याय की मांग करते हैं’’ का नारा अंकित किया गया है। इसके अलावा, मृतक चिकित्सक के माता-पिता ने इस जघन्य घटना की शीघ्र और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उत्तर 24 परगना जिले में अपने आवास के पास धरना शुरू कर दिया है। उनका नाम प्रदर्शनकारी नागरिक समाज के सदस्यों ने अभय/तिलोत्तोमा रखा है।
मृतका की मां ने पहले संवाददाताओं को बताया था कि वह घर के उस स्थान पर षष्ठी से ही बैठी हैं और अपनी बेटी की याद में ‘विजय दशमी’ तक वहीं रहेंगी जहां गत दो साल से उनकी बेटी दुर्गा पूजा आयोजित कर रही थी।
भाषा
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