भारतीय सेना देश के सबसे विश्वस्त और प्रेरक संगठनों में से एक : रक्षा मंत्री
वैभव सिम्मी
- 11 Oct 2024, 06:36 PM
- Updated: 06:36 PM
गंगटोक, 11 अक्टूबर (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भारतीय सेना की प्रशंसा करते हुए इसे देश के सबसे विश्वस्त एवं प्रेरक संगठनों में से एक बताया और उन्होंने सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद से लड़ने और जरूरत के समय असैन्य प्रशासन की मदद करने में सेना की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
सिंह ने खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर सिक्किम नहीं पहुंच पाने के कारण सुकमा (पश्चिम बंगाल) में एक सैन्य स्थान से डिजिटल माध्यम के जरिए सैन्य कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रत्येक सैनिक के योगदान की प्रशंसा की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वालों को सम्मानित किया।
उन्होंने सैन्य कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारतीय सेना हमारी सीमाओं की रक्षा करने और आतंकवाद से लड़ने के अलावा असैन्य प्रशासन को हर जरूरत के समय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।’’
सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप देश के ‘रक्षा और सुरक्षा’ दृष्टिकोण को विस्तार देने के लिए सैन्य नेतृत्व की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि वह पिछले पांच वर्ष से सेना के कमांडरों के सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन उच्च स्तरीय चर्चाओं से सशस्त्र बलों और पूरे देश को लाभ होता है। उन्होंने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को शामिल करने में भी सेना के प्रयासों की सराहना की।
जटिल वैश्विक परिदृश्य के संदर्भ में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ ‘हाइब्रिड’ युद्ध समेत गैर-परंपरागत और विषम युद्ध स्थितियां भविष्य के संघर्षों का अभिन्न अंग होंगी।’’
उन्होंने सशस्त्र बलों से रणनीति बनाते समय इन कारकों पर विचार करने का आग्रह किया तथा वर्तमान और ऐतिहासिक घटनाओं से निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।
उत्तरी सीमाओं पर स्थिति के संबंध में, सिंह ने किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने में सेना की क्षमता पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर शांतिपूर्ण समाधान के लिए वार्ता जारी रहेगी।
उन्होंने चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर सड़क संपर्क को महत्वपूर्ण तरीके से सुधारने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की प्रशंसा की और कहा कि यह प्रगति जारी रहनी चाहिए।
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैं जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के खतरे से निपटने में सीएपीएफ/पुलिस बलों और सेना के बीच बेहतर तालमेल की सराहना करता हूं। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में समन्वित अभियान इस क्षेत्र में स्थिरता और शांति बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। हाल में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों में यह स्पष्ट हुआ है और इसके लिए मैं एक बार फिर भारतीय सेना की सराहना करता हूं।’’
सिंह ने सेना की उच्च स्तरीय अभियानगत तैयारियों और क्षमताओं की सराहना की और कहा कि इनका अनुभव वह हमेशा अग्रिम क्षेत्रों की अपनी यात्राओं के दौरान करते रहे हैं।
उन्होंने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीरों को भी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने विदेशी सेनाओं के साथ स्थायी सहयोगी संबंध बनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने के लिए सेना द्वारा सैन्य कूटनीति में किए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
उन्होंने हाल में हुए ओलंपिक खेलों में सेना के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए भी भारतीय सेना की सराहना की। रक्षा मंत्री ने वर्षों से स्वच्छता अभियान में योगदान के लिए सेना और सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि इससे दूसरों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
भाषा वैभव