सीएए पर केरल के मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो : भाजपा
धीरज रंजन
- 26 Mar 2024, 07:15 PM
- Updated: 07:15 PM
पलक्कड़(केरल), 26 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के के हालिया भाषणों को लेकर उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि विजयन का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा पैदा करना और उनके बीच ‘धर्मांधता को बढ़ावा’ देना है।
वरिष्ठ भाजपा नेता पी. के कृष्णदास ने मार्क्सवादी नेता पर केंद्र द्वारा लागू सीएए के खिलाफ अपने भाषणों के माध्यम से समाज में विभाजन पैदा करने और धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि सीएए पर विजयन द्वारा किया गया हालिया भाषण संवैधानिक मानदंडों और पद की शपथ का उल्लंघन है, और इस प्रकार उन्होंने अपने पद पर बने रहने का कानूनी अधिकार खो दिया है।
कृष्णदास ने मलप्पुरम में सोमवार को आयोजित सीएए विरोधी रैली के दौरान विजयन द्वारा दिए गए बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि ये वही तर्क थे जो मोहम्मद अली जिन्ना ने दशकों पहले दो राष्ट्रों की मांग करते हुए दिए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में मुसलमान दोयम दर्जे के नागरिक हैं और केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस उनकी नागरिकता निलंबित करके उन्हें पाकिस्तान में भगाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
भाजपा नेता ने कहा कि उनकी भाषा में जिन्ना की विचारधारा की झलक मिलती है क्योंकि उन्होंने भी कहा था कि मुसलमान भारत में दोयम दर्जे के नागरिक हैं और असुरक्षित हैं, इसलिए उनके लिए एक अलग राष्ट्र होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘विजयन वही दोहरा रहे थे जो जिन्ना ने कहा था...उनके शब्द राष्ट्रविरोधी थे। इसलिए, उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।’’
उन्होंने विजयन पर मुसलमानों और ईसाई और हिंदू समुदायों के बीच विभाजन पैदा करके ‘सांप्रदायिक दंगे’ का मार्ग प्रशस्त करने का भी आरोप लगाया।
कृष्णदास ने आरोप लगाया, ‘‘विजयन के भाषणों का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा पैदा करना और उनके बीच ‘अत्यधिक धर्मांधता’ पैदा करना था।’’
भाजपा नेता ने मलप्पुरम में विजयन के उस बयान को भी बकवास करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा और आरएसएस को शायद यह नहीं पता होगा कि ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ जैसे नारे सबसे पहले दो मुसलमानों ने लगाए थे जिन्हें भुला दिया गया क्योंकि इन नारों को अल्पसंख्यक समुदाय से संबंध रखने वालों ने गढ़े थे।
कृष्णदास ने विजयन पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या वह और अन्य वामपंथी नेता इन नारों को लगाने के लिए तैयार होंगे क्योंकि वे मुसलमानों द्वारा गढ़े गए थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सीएए का देश के 18 करोड़ मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री पर यह तीखा हमला हाल ही में विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ केरल के उत्तरी हिस्से में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा आयोजित लगातार चार जनसभाओं को संबोधित करने के दौरान उनके बयान को लेकर किया है।
भाषा धीरज