दिल्ली में निर्माण स्थल पर सीवर टैंक साफ करते समय दो मजदूरों की मौत, एक बीमार
अमित माधव
- 09 Oct 2024, 10:07 PM
- Updated: 10:07 PM
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सरोजिनी नगर में एक मकान निर्माण स्थल पर सीवर टैंक के अंदर कथित रूप से जहरीली गैस के कारण दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बीमार हो गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना मंगलवार दोपहर की है, जब मजदूर सफाई के लिए टैंक के अंदर उतरे थे, जो इस्तेमाल में नहीं है। अधिकारी ने बताया कि ऐसा संदेह है कि मजदूरों ने उचित सुरक्षा उपकरण नहीं पहने थे और जहरीली गैस की वजह से उनकी मौत हो गई।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि सरोजिनी नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1)/125/125(ए) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि घटना मेट्रो गेट नंबर 2 के पास पिलंजी गांव में एनबीसीसी निर्माण स्थल पर हुई। चौधरी ने बताया, ‘‘पता चला कि दो मजदूर गटर से कचरा निकाल रहे थे और बेहोश हो गए। उन्हें निकालने के लिए एक और मजदूर अंदर गया और वह भी बेहोश हो गया।’’
बाद में क्रेन और मशीनों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया और एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी रामाश्रय (41) और बिहार के गोपालगंज निवासी बबुंद्र कुमार सिंह (29) की इस घटना में मौत हो गई। वहीं पश्चिम बंगाल के पश्चिमी दिनाजपुर निवासी श्रीनाथ सोरेन (28) बीमार पड़ गए और उसका इलाज सफदरजंग अस्पताल में किया जा रहा है।
बबुंद्र के भाई हरकेश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे, जिसके कारण उनके भाई की जान चली गई।
कुमार ने कहा, ‘‘मैं अभी तक अपने भाई का शव नहीं देख पाया हूं। कोई भी हमारी मदद नहीं कर रहा है। कंपनी की लापरवाही के कारण मेरे भाई की जान चली गई। उन्हें कोई ऑक्सीजन सिलेंडर या कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया था।’’
कुमार ने कहा कि उनके भाई की गर्भवती पत्नी और एक साल की बेटी है। उन्होंने कहा, ‘‘भगवान ही जाने कि उनका क्या होगा।’’
निर्माण स्थल पर काम करने वाले एक अन्य मजदूर ने बताया कि शुरुआत में एक मजदूर सीवर के अंदर गया था। बाद में, अन्य दो उसे बचाने के लिए अंदर गए, लेकिन एक-एक करके वे सभी की तबियत खराब हो गई।
उन्होंने कहा, ‘‘यह कंपनी और सुपरवाइजर की ओर से लापरवाही है। वे हमें बिना किसी उचित सुरक्षा उपकरण के निर्माण स्थल पर काम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।’’
अस्पताल में उपचाराधीन श्रमिक श्रीनाथ सोरेन की पत्नी ने कहा कि उसने अपने पति को सीवर से आने वाली तेज बदबू के कारण सीवर में प्रवेश न करने की चेतावनी दी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में दो अन्य मजदूरों ने प्रवेश करने से इनकार कर दिया। मुझे नहीं पता कि मेरे पति बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अंदर क्यों गए।’’
उन्होंने कहा कि उनके दो बच्चे हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि एनबीसीसी ने निर्माण स्थल पर निर्माण का ठेका दूसरी कंपनी को दिया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने घटना के संबंध में ठेकेदार और सुपरवाइजर से पूछताछ की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने घटनाओं के क्रम की पुष्टि के लिए अन्य मजदूरों के बयान लिए हैं।
भाषा अमित