निर्णायक चुनावी नतीजों से सबक ले केंद्र, जम्मू-कश्मीर सरकार के मामलों में न दे दखलः महबूबा
नोमान माधव
- 08 Oct 2024, 08:29 PM
- Updated: 08:29 PM
श्रीनगर, आठ अक्टूबर (भाषा) पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि केंद्र को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के निर्णायक फैसले से सबक लेना चाहिए और आगामी नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस सरकार के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व को उसकी जीत पर बधाई दी और कहा कि उनकी पार्टी एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा, “ मैं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई देती हूं। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी बधाई देना चाहती हूं कि उन्होंने स्थिर सरकार के लिए वोट दिया, न कि त्रिशंकु विधानसभा के लिए, क्योंकि लोगों को पांच अगस्त 2019 के बाद कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन समस्याओं के समाधान के लिए एक स्थिर और मजबूत सरकार बहुत जरूरी है।”
उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा था कि अगर स्पष्ट जनादेश नहीं होगा तो कुछ अनिष्ट होगा।”
उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस की इस घोषणा का भी स्वागत किया कि उसके उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री होंगे। अब्दुल्ला ने बडगाम और गांदरबल दोनों सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख ने कहा कि केंद्र को फैसले से सबक लेना चाहिए और सरकार के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो यह विनाशकारी होगा और जो कुछ उनके साथ अभी हुआ है उससे भी बदतर होगा।
उन्होंने कहा, “यह संदेश गया है कि जम्मू-कश्मीर के लोग समझदार और चतुर हैं तथा वे यहां केंद्र द्वारा किसी तरह की खरीद-फरोख्त नहीं चाहते हैं।”
महबूबा ने कहा,“लोगों ने सोचा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन एक स्थिर सरकार देगा और भाजपा से लड़ेगा और उसे दूर रखेगा। मुझे लगता है कि यह (नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन की जीत का) सबसे बड़ा कारण है।”
पीडीपी प्रमुख ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने “ऐसी कठिन परिस्थिति में भी” पार्टी के लिए काम किया और उनसे अपील की है कि हिम्मत नहीं हारे।
उन्होंने कहा कि हम एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और लोगों के मुद्दे चुनाव के साथ समाप्त नहीं होते।
चुनावों में पीडीपी के निराशाजनक प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी भले ही पिछड़ गई हो, लेकिन खत्म नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, “ऐसी चीजें होती रहती हैं। आप इसके बारे में क्या कर सकते हैं? यह लोगों की पसंद है और आपको उस पसंद को स्वीकार करना चाहिए। यह लोकतंत्र है।”
पीडीपी ने विधानसभा चुनावों में सिर्फ तीन सीट जीतीं, जबकि 2014 में उसने 28 सीट हासिल की थीं।
महबूबा ने कहा, “हम नीचे नहीं हैं। हम हर जगह लड़ाई में हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस से कौन लड़ रहा है? गांदरबल और बडगाम में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को किसने चुनौती दी? यह पीडीपी है। हम एक ताकत हैं। हम नीचे हो सकते हैं, लेकिन हम बाहर नहीं हैं।”
उपराज्यपाल (एलजी) द्वारा विधानसभा में पांच सदस्यों को मनोनीत करने के बारे में पूछे जाने पर महबूबा ने कहा कि यह अनैतिक और असंवैधानिक है।
उन्होंने कहा, “यह उनकी ओर से बहुत गलत है। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने स्पष्ट रूप से मतदान किया है, लेकिन अगर खंडित जनादेश होता, तो इससे समस्याएं पैदा होतीं। एलजी को ऐसा नहीं करना चाहिए। यह अनैतिक और असंवैधानिक है।”
इस सवाल पर कि क्या उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती का चुनावी राजनीति में प्रवेश जल्दी हुआ है तो महबूबा ने कहा कि इल्तिजा उनसे बेहतर योद्धा हैं।
इल्तिजा ने श्रीगुफवारा-बिजबेहरा सीट से अपना पहला विधानसभा चुनाव हार गईं। उन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार बशीर अहमद शाह वीरी ने 9,770 वोट के अंतर से हराया।
भाषा नोमान