हमें उम्मीद है कि मालदीव में और अधिक भारतीय पर्यटक आएंगे: मुइज्जू
वैभव दिलीप
- 07 Oct 2024, 10:39 PM
- Updated: 10:39 PM
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर (भाषा) मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोमवार को कहा कि भारत मालदीव के लिए सबसे बड़े पर्यटन स्रोत बाजारों में से एक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक भारतीय पर्यटक इस द्वीपसमूह राष्ट्र का दौरा करेंगे। यहां हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद एक प्रेस वार्ता में, मुइज्जू ने यह भी कहा कि मालदीव और भारत के बीच संबंध ‘सदियों पुराने हैं, जैसा कि हमारे पूरे इतिहास में स्पष्ट रहा है’।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लोगों के बीच संबंध लंबे समय से भारत और मालदीव के बीच संबंधों की नींव रहे हैं। कई मालदीववासी पर्यटन, चिकित्सा उद्देश्यों, शिक्षा और कई अन्य कारणों से भारत आते हैं। साथ ही, मालदीव में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो मालदीव के विकास में योगदान देते हैं।’’
मुइज्जू ने कहा, ‘‘भारत हमारे सबसे बड़े पर्यटन स्रोत बाजारों में से एक है, और हम मालदीव में अधिक भारतीय पर्यटकों का स्वागत करने की उम्मीद करते हैं, जिससे हमारे लोगों के बीच साझा विकास और समझ को बढ़ावा मिलेगा।’’
भारत यात्रा के दौरान उनकी यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस साल जनवरी में मालदीव के कुछ मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के बाद ‘मालदीव के बहिष्कार’ का ऑनलाइन अभियान जोर पकड़ रहा था।
कई भारतीयों, जिनमें मशहूर हस्तियां भी शामिल थीं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पर्यटकों से मालदीव के बजाय भारत के लक्षद्वीप जैसे दर्शनीय स्थलों की यात्रा करने का आग्रह किया था।
हालांकि, पिछले साल ‘इंडिया आउट’ अभियान के तहत राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद मुइज्जू की यह पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा उन संबंधों को फिर से स्थापित करने का प्रयास है, जो पहले खराब दौर से गुजर रहे थे।
मुइज्जू ने पिछले साल नयी दिल्ली से इस द्वीपसमूह देश में तैनात उसके सैन्यकर्मियों को इस साल मई तक वापस बुलाने को कहा था। चीन समर्थक अपने विचारों के लिए जाने जाने वाले मुइज्जू के नवंबर में राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के बाद से भारत और मालदीव के बीच संबंधों में काफी तनाव आ गया था।
मुइज्जू मालदीव की प्रथम महिला मैडम साजिदा मोहम्मद और मालदीव के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार शाम को भारत पहुंचे।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू ने हैदराबाद हाउस में मुलाकात की और ‘दोनों देशों द्वारा अपने ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ और विशेष संबंधों को गहरा करने में की गई प्रगति को ध्यान में रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण आयाम की व्यापक समीक्षा की।’
दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि यह दोनों पक्षों के लिए ‘सहयोग के लिए एक नया ढांचा तैयार करने’ का एक उपयुक्त समय है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रूप से एक व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी में बदलना है।
मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने ‘विपणन अभियानों और सहयोगी प्रयासों के माध्यम से दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को बढ़ाने’ का फैसला किया है।
मुइज्जू ने प्रेस वार्ता में कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक लोकतांत्रिक, समृद्ध और लचीला मालदीव महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, ‘‘और, भौगोलिक निकटता के कारण भारत समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। भविष्य की ओर देखते हुए, हम भारत के साथ अपने सहयोग को व्यापक क्षेत्रों में मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, जिसमें उच्च स्तरीय आदान-प्रदान शामिल हैं, जो हमारे देशों के बीच गहरी समझ और मित्रता को बढ़ावा देते हैं।’’
मुइज्जू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ‘‘हमारा निरंतर सहयोग’’ एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगले साल, हम दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। मैंने प्रधानमंत्री मोदी को इस अवसर को मनाने के लिए मालदीव की राजकीय यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया है।’’
हैदराबाद हाउस में, उन्होंने कहा कि भारत और मालदीव एक ऐसे भविष्य का निर्माण करने के लिए मिलकर काम करेंगे, जो ‘हमारे दोनों देशों को लाभान्वित करेगा’। उन्होंने कहा, ‘‘मालदीव हमारे देशों और हमारे क्षेत्र की शांति और विकास के हमारे साझा दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध एक सच्चा मित्र बना रहेगा।’’
मालदीव के राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हम भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने के लिए तत्पर हैं, जिससे हम दोनों देशों के बीच पूर्ण आर्थिक क्षमता का दोहन कर सकेंगे, तथा पर्यटन और विकास के अन्य क्षेत्रों में भारतीय निवेश बढ़ा सकेंगे।’’
भाषा वैभव