शरद पवार ने चुनाव से पहले भाजपा, राकांपा से और नेताओं के पार्टी छोड़ने का दिया संकेत
अमित धीरज
- 07 Oct 2024, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
इंदापुर, सात अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को संकेत दिया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उनके भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से और अधिक लोग पार्टी छोड़ सकते हैं।
इस बीच, भाजपा नेता हर्षवर्धन पाटिल सोमवार को राकांपा (शरद चंद्र पवार) खेमे में शामिल हो गए।
इंदापुर कस्बे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पवार ने लोगों से पाटिल को राज्य विधानसभा भेजने की अपील की और एक तरह से आगामी चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी।
पवार ने यह भी संकेत दिया कि राज्य विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामराजे नाइक निंबालकर, जो वर्तमान में अजित पवार खेमे में हैं, 14 अक्टूबर को राकांपा (शरद चंद्र पवार) में शामिल हो सकते हैं।
पवार ने कहा, ‘‘मुझे किसी ने फोन करके 14 अक्टूबर को आने को कहा, जैसे मैंने इंदापुर का दौरा किया। मैंने पूछा कि कहां और किस उद्देश्य से। मुझे बताया गया कि इसका उद्देश्य इंदापुर जैसा ही है। मैंने पूछा कि कहां आना है?...फलटण...समझे? तो अगला गंतव्य फलटण है। उसके बाद महीने का अधिकांश समय बुक हो चुका है।’’
फलटण निंबालकर का गृह क्षेत्र है, जिन्होंने 1995 में निर्दलीय और 1999 और 2004 में राकांपा (अविभाजित) के नेता के रूप में इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। दिलचस्प बात यह है कि निंबालकर ने रविवार को कहा कि उन्हें शरद पवार का साथ छोड़कर 2023 में अजित पवार से हाथ मिलाने का अफसोस है। उन्होंने दावा किया था, ‘‘मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसा (अजित पवार खेमे में शामिल होने के लिए) किया था, जो नहीं हुआ।’’
वर्ष 2019 में हर्षवर्धन पाटिल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उनका भाजपा छोड़ना उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस के लिए एक झटका माना जा रहा है।
पवार ने राज्य के पूर्व मंत्री पाटिल की ‘‘कृषि सुधारों और ग्रामीण विकास के प्रति समर्पण’’ के लिए प्रशंसा की। पवार ने पाटिल और उनके पिता एवं बारामती के पूर्व सांसद शंकरराव पाटिल द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
पवार ने कहा, ‘‘हम भले ही अलग-अलग दलों में रहे हों, लेकिन जब महाराष्ट्र के किसानों के कल्याण की बात आई, तो हमने हमेशा मिलकर काम किया। कृषि सुधारों के लिए जब भी नये नेतृत्व की जरूरत पड़ी, हर्षवर्धन हमेशा पहली पसंद रहे। यह फैसला इंदापुर तक ही सीमित नहीं है, यह पूरे महाराष्ट्र के गन्ना किसानों और पूरे देश के कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।’’
उल्लेखनीय है कि संभावित रूप से नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पाटिल भाजपा से राकांपा (शरद चंद्र पवार) में शामिल होने वाले दूसरे प्रमुख नेता बन गए हैं।
इससे पहले, कोल्हापुर के कागल तहसील से राजे समरजीत घाटगे, जो चीनी क्षेत्र में भाजपा का चेहरा थे, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) में शामिल हो गए थे।
अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा का महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में बेहद खराब प्रदर्शन रहा क्योंकि पार्टी ने जिन चार सीट पर चुनाव लड़ा था, उनमें से तीन पर उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं शरद पवार के प्रति लोगों की सहानुभूति बढ़ रही है, जो पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र का दौरा कर रहे हैं।
भाषा अमित