जयशंकर को श्रीलंका यात्रा के दौरान सिंहली भाषा में अनूदित उनकी पुस्तक की पहली प्रति प्रदान की गई

जयशंकर को श्रीलंका यात्रा के दौरान सिंहली भाषा में अनूदित उनकी पुस्तक की पहली प्रति प्रदान की गई