व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक लगाने वाला आदेश वापस लिया गया: दिल्ली पुलिस
अमित नरेश
- 03 Oct 2024, 04:20 PM
- Updated: 04:20 PM
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि 30 सितंबर से पांच अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजधानी में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक लगाने वाला आदेश ‘‘वापस ले लिया गया है।’’
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह बात प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली पीठ को उस समय बतायी जब दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा द्वारा पारित आदेश से संबंधित मामला तत्काल सूचीबद्ध किये जाने के लिए उल्लेखित किया गया।
प्रधान न्यायाधीश ने वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी से कहा, ‘‘सॉलिसिटर जनरल का कहना है कि पुलिस आयुक्त का आदेश वापस ले लिया गया है।’’ मेनका गुरुस्वामी ने ही मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था।
पुलिस आयुक्त द्वारा जारी आदेश में 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, आग्नेयास्त्र, बैनर, तख्तियां आदि लेकर चलने, किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र में धरना देने पर रोक लगाई गई थी। इसमें कई संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन के आह्वान सहित कानून और व्यवस्था के मुद्दों का हवाला दिया गया था।
गुरुस्वामी ने पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। पीठ में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त द्वारा पारित आदेश दशहरा के मद्देनजर अभी शहर को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि आदेश के कारण रामलीला नहीं हो सकती और यह आदेश दुर्गा पूजा उत्सव को भी प्रभावित करता है।
पीठ ने शुरू में कहा, ‘‘दिल्ली उच्च न्यायालय जाएं।’’
मेहता ने अदालत को सूचित किया कि इसी तरह के मुद्दे को उठाने वाली याचिकाएं आज दिन में उच्च न्यायालय के समक्ष सुनवाई के लिए आने वाली हैं। सीजेआई ने गुरुस्वामी को बताया कि वरिष्ठ विधि अधिकारी ने कहा है कि आदेश वापस ले लिया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, पुराना आदेश 2 और 3 अक्टूबर की मध्य रात्रि को समाप्त हो गया है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय से जारी पहले के आदेश के अनुसार, पुलिस आयुक्त ने नयी दिल्ली, उत्तर और मध्य जिलों तथा अन्य राज्यों की सीमा से लगे सभी पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (जो पहले सीआरपीसी की धारा 144 थी) लागू करने का निर्देश दिया था।
आदेश में कहा गया था, ‘‘प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक तथा सदर बाजार क्षेत्र में शाही ईदगाह के मुद्दे, एमसीडी स्थायी समिति चुनाव के राजनीतिक रूप से उत्तेजित मुद्दे तथा डूसू चुनाव के परिणामों की घोषणा सहित विभिन्न मुद्दों के कारण दिल्ली सामान्य माहौल कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है।’’
आदेश में कहा गया था, ‘‘इसके अलावा, महात्मा गांधी की जयंती पर 2 अक्टूबर को नयी दिल्ली तथा मध्य जिले के क्षेत्रों में वीवीआईपी तथा गणमान्य व्यक्तियों की भारी आवाजाही रहेगी।’’
पहले के आदेश में आगे कहा गया था कि जम्मू कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव जारी हैं, इसलिए दिल्ली की सीमाओं से लोगों और वाहनों की आवाजाही पर निरंतर जांच की आवश्यकता है।
भाषा अमित