अयोध्या दुष्कर्म मामले को लेकर सपा और कांग्रेस ने योगी सरकार पर साधा निशाना
धीरज
- 01 Oct 2024, 08:00 PM
- Updated: 08:00 PM
अयोध्या (उप्र), एक अक्टूबर (भाषा) अयोध्या के चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी समाजवादी पार्टी (सपा) नेता मोईद खान के डीएनए का नमूना पीड़िता के भ्रूण से मेल नहीं खाने के बाद सपा और कांग्रेस ने मंगलवार को राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा।
फैजाबाद (अयोध्या) से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सामूहिक बलात्कार के आरोपी मोईद खान की डीएनए रिपोर्ट को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। प्रसाद ने कहा, ‘‘अगर उच्च न्यायालय ने डीएनए रिपोर्ट की मांग नहीं की होती, तो सरकार इसे पेश नहीं करती। सरकार ने मोईद खान को आरोपी बताया, लेकिन अब सब कुछ साफ हो गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे नेता अखिलेश यादव को शुरू से ही संदेह था कि उनकी उम्र का कोई व्यक्ति ऐसा कृत्य कैसे कर सकता है।’’
प्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘मुसलमानों को बदनाम’’ करना चाहती है। उन्होंने कहा कि अगर उच्च न्यायालय ने रिपोर्ट की मांग नहीं की होती, तो यह तथ्य कभी सामने नहीं आता।
उन्होंने दावा किया, ‘‘पूरे देश में यह संदेश फैल गया है कि सरकार पूरी तरह मुस्लिम विरोधी, दलित विरोधी और संविधान विरोधी है। यह संदेश 2027 के चुनावों में भाजपा के पतन का कारण बनेगा।’’
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि जेल में बंद और अयोध्या में जिसका घर तोड़ा गया, मोईद खान का डीएनए मैच नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अत्याचार और अन्याय कर रही है और हम इसका विरोध करते हैं।’’
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या बलात्कार पीड़िता के गर्भपात किए गए भ्रूण का डीएनए सपा नेता मोईद अहमद के कर्मचारी एवं मामले में सह आरोपी राजू के डीएनए से मेल खाता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 30 जुलाई को अयोध्या जिले के पूरा कलंदर इलाके से राजू के साथ बेकरी मालिक अहमद को 12 वर्षीय लड़की के बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया था, जो गर्भवती हो गई और बाद में उसका गर्भपात हो गया।
उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए भ्रूण की डीएनए रिपोर्ट मांगी थी। अदालत को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार अहमद का डीएनए भ्रूण के डीएनए से मेल नहीं खाता। रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेने के बाद न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने अगली सुनवाई तीन अक्टूबर को तय की।
मोईद अहमद ने जमानत याचिका में दलील दी है कि उनकी उम्र 71 साल है और उन्हें राजनीतिक कारणों से इस मामले में फंसाया गया है।
घटना पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि आरोपी समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं और उनका अयोध्या के सपा सांसद अवधेश प्रसाद से निकट संबंध है।
भाषा सं आनन्द