चंद्रकिशोर जायसवाल को श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको साहित्य सम्मान
नरेश नरेश माधव
- 30 Sep 2024, 04:50 PM
- Updated: 04:50 PM
नयी दिल्ली, 30 सितंबर(भाषा) वरिष्ठ कथाकार चंद्रकिशोर जायसवाल को यहां सोमवार को 2024 के ‘श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको साहित्य सम्मान’ और रेनू यादव को प्रथम ‘श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको युवा साहित्य सम्मान’ प्रदान किया गया।
एक विज्ञप्ति वरिष्ठ साहित्यकार असग़र वजाहत की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने इन दोनों पुरस्कारों के लिए चंद्रकिशोर जायसवाल और रेनू यादव का चयन किया जिसमें डॉ. अनामिका, प्रियदर्शन, यतीन्द्र मिश्र, उत्कर्ष शुक्ल एवं डॉ. नलिन विकास भी शामिल थे।
पंद्रह फरवरी, 1940 को बिहार के मधेपुरा जिले के बिहारीगंज में जन्मे चंद्रकिशोर जायसवाल की कृतियों में ‘गवाह गैरहाजिर’, ‘जीबछ का बेटा बुद्ध’, ‘शीर्षक’, ‘चिरंजीव’, ‘माँ’, ‘दुखग्राम’ (उपन्यास);‘शृंगार’, ‘सिंहासन’, ‘चीर-हरण’, ‘रतजगा’, ‘गृह-प्रवेश’, और ‘रंग-भंग’ (नाटक) प्रमुख हैं।
बिहार राष्ट्रभाषा परिषद के ‘साहित्य साधना सम्मान’ (पटना) और बिहार सरकार के जननायक ‘कर्पूरी ठाकुरी सम्मान’ (पटना) से सम्मानित चंद्रकिशोर जायसवाल के उपन्यास ‘गवाह गैरहाजिर’ पर राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम द्वारा निर्मित फ़िल्म ‘रूई का बोझ’ और कहानी ‘हिंगवा घाट में पानी रे!’ पर दूरदर्शन द्वारा निर्मित फ़िल्में काफी चर्चित रही हैं।
‘रूई का बोझ’ नेशनल फ़िल्म फेस्टिवल पैनोरमा (1998) के लिए चयनित हुई थी और अनेक अन्तराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सवों में प्रदर्शित हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मीं रेनू यादव की प्रमुख कृतियों में 'महादेवी वर्मा के काव्य में वेदना का मनोविश्लेषण' (आलोचनात्मक पुस्तक), 'मैं मुक्त हूँ' (काव्य-संग्रह), और शोध-पत्र - स्त्री विमर्श के आईने में राधा का प्रेम और अस्तित्व, पद्मावत और पूर्वराग शामिल हैं।
स्त्री-विमर्श पर केन्द्रित कहानियों, कविताओं एवं शोधात्मक आलेखों के जरिए अपनी पहचान बनाने वालीं रेनू यादव को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें भारतीय दलित साहित्य अकादमी, दिल्ली का 'विरांगना सावित्रीबाई फूले नेशनल फेलोशिप अवार्ड' प्रमुख हैं।
मूर्धन्य कथाशिल्पी श्रीलाल शुक्ल की स्मृति में वर्ष 2011 में शुरू किया गया यह सम्मान प्रत्येक वर्ष ऐसे हिन्दी लेखक को दिया जाता है जिसकी रचनाओं में मुख्यतः ग्रामीण व कृषि जीवन का चित्रण किया गया हो।
इससे पहले यह सम्मान विद्यासागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव, मिथिलेश्वर, अष्टभुजा शुक्ल, कमलाकांत त्रिपाठी, रामदेव धुरंधर, रामधारी सिंह दिवाकर, महेश कटारे, रणेंद्र, शिवमूर्ति, जयनंदन और मधु कांकरिया को प्रदान किया जा चुका है।
इस पुरस्कार के अन्तर्गत सम्मानित साहित्यकार को एक प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र तथा 11 लाख रुपये की राशि का चैक प्रदान किया जाता है।
इफको निदेशक मंडल द्वारा इस वर्ष से शुरू किए गए ‘श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको युवा साहित्य सम्मान’ के अंतर्गत सम्मानित साहित्यकार को एक प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति-पत्र और ढाई लाख रुपये का चैक प्रदान किया जाता है।
चंद्रकिशोर जायसवाल एवं रेनू यादव को यह सम्मान सोमवार को नयी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
भाषा नरेश नरेश