इजराइली हमले में नसरल्ला के साथ रिवॉल्यूशनरी गार्ड के वरिष्ठ कमांडर भी मारे गये : ईरान
एपी प्रशांत रंजन
- 28 Sep 2024, 10:18 PM
- Updated: 10:18 PM
दुबई, 28 सितंबर (एपी) ईरान ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित उसके अर्धसैनिक बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड के एक प्रमुख जनरल की भी बेरूत में हुए हवाई हमले में मौत हो गई, जिसमें हिज्बुल्ला नेता हसन नसरल्ला मारा गया। ईरानी मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी।
जनरल अब्बास निलफोरुशान की हत्या ईरान के लिए नवीनतम क्षति है, क्योंकि गाजा पट्टी में लगभग एक साल से चल रहा इजराइल-हमास युद्ध क्षेत्रीय संघर्ष बनने की कगार पर है। उनकी मौत से ईरान पर प्रतिक्रिया देने का दबाव और बढ़ गया है, हालांकि तेहरान ने हाल के महीनों में संकेत दिया है कि वह अपनी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले प्रतिबंधों के संबंध में पश्चिम के साथ बातचीत करना चाहता है।
ईरान के सरकारी तेहरान टाइम्स की खबर के अनुसार, 58 वर्षीय अब्बास निलफोरुशान की शुक्रवार को लेबनान में हत्या कर दी गई। सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, ईरान की न्यायपालिका के उप प्रमुख अहमद रजा पोर खगान ने भी निलफोरुशान की मौत की पुष्टि की और उन्हें “लेबनान के लोगों का अतिथि” बताया।
खगान ने कथित तौर पर यह भी कहा कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने निलफोरुशान की पहचान रिवॉल्यूशनरी गार्ड में ऑपरेशन के लिए डिप्टी कमांडर के रूप में की थी। अमेरिका ने 2022 में उन पर प्रतिबंध लगा दिया था और कहा था कि उन्होंने एक ऐसे संगठन का नेतृत्व किया, जो “सीधे विरोधियों के दमन के लिए जिम्मेदार था, जिसने पिछले विरोध प्रदर्शनों के दौरान विरोधी नेताओं को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।”
ये प्रतिबंध ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच लगाए गए थे, जिन्हें पुलिस की पसंद के अनुसार कथित तौर पर हिजाब नहीं पहनने के कारण गिरफ्तार किया गया था।
निलफोरुशान ने सीरिया में राष्ट्रपति बशर असद का समर्थन करते हुए दशकों तक चले युद्ध में भी भूमिका निभाई, जो 2011 के ‘अरब स्प्रिंग’ से शुरू हुआ था, जिसने पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले लिया था। उन्होंने अपने कई सहयोगियों की तरह 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में भी भाग लिया था।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने 2020 में उन्हें अपने कुद्स बल के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी का “कॉमरेड” (साथी) कहा, जो 2020 में बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे। निलफोरुशान ने 2021 में सरकारी टीवी से कहा था कि इजराइल, ईरान के खिलाफ खतरा पैदा करने की स्थिति में नहीं है, जिसे उन्होंने इजराइल की कमजोरी बताया।
एपी प्रशांत