अमित शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, पूछा- क्या वह एमएसपी का पूरा मतलब जानते हैं?
प्रशांत दिलीप
- 27 Sep 2024, 07:33 PM
- Updated: 07:33 PM
(तस्वीरों के साथ)
रेवाड़ी, 27 सितंबर (भाषा) किसानों के हितों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर शुक्रवार को निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वह एमएसपी का पूरा मतलब भी जानते हैं? साथ ही उन्होंने कहा कि हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 24 फसलें खरीद रही है।
अमित शाह ने रेवाड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार, आरक्षण और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस इसे (अनुच्छेद 370 को) वापस लाना चाहती है।
शाह ने दावा किया कि पांच अक्टूबर को होने वाले चुनाव के बाद भाजपा तीसरी बार हरियाणा में सत्ता में लौटेगी।
अमित शाह ने किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने राहुल ‘बाबा’ से कहा है कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के नाम पर उन्हें वोट मिलेंगे।
उन्होंने पूछा, ‘‘राहुल बाबा आप एमएसपी का पूरा मतलब जानते हैं? क्या आप ये भी जानते हैं कि कौन-सी रबी की फसल है और कौन-सी खरीफ की फसल है?’’
शाह ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार एमएसपी पर 24 फसलें खरीद रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा के कांग्रेस नेता बताएं कि कौन सा कांग्रेस शासित राज्य इतनी फसलें खरीद रहा है।”
उन्होंने कहा कि किसान जो भी बोना चाहते हैं, बो सकते हैं। यह भाजपा सरकार ही है, जो उनकी उपज खरीदती है।
शाह ने पूछा, ‘‘कर्नाटक और तेलंगाना में एमएसपी पर कितनी फसलें खरीदी जा रही हैं?’’
शाह ने कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को याद दिलाया कि भारी बारिश से बर्बाद हुई फसलों के लिए किसानों को 2 रुपये का चेक दिया जाता था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान धान की खरीद 1310 रुपये प्रति क्विंटल थी, लेकिन अब 2300 रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदा जाता है और अगर आप हरियाणा में भाजपा की सरकार चुनते हैं, तो हम 3,100 रुपये (प्रति क्विंटल) के हिसाब से धान खरीदेंगे।
उन्होंने कहा कि बाजरे का एमएसपी 1,250 रुपये प्रति क्विंटल था, जो भाजपा सरकार में बढ़कर 2,625 रुपये हो गया। उन्होंने कहा, “जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो उन्होंने बाजरे की खरीद नहीं की।”
शाह ने कहा कि गेहूं का एमएसपी 1,450 रुपये प्रति क्विंटल हुआ करता था, जो भाजपा सरकार के समय में बढ़कर 2,275 रुपये हो गया और सरसों का एमएसपी जो 3,050 रुपये था, वह अब 5,650 रुपये हो गया है।
उन्होंने पूछा, “संप्रग ने कितना धान, गेहूं खरीदा था?”
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह नरेन्द्र मोदी सरकार है, जिसने ‘वन रैंक वन पेंशन’ (ओआरओपी) की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया है।
शाह ने कहा कि भाजपा ने हरियाणा में एक समान विकास किया है और पिछले 10 साल में भ्रष्टाचार खत्म हो गया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘कांग्रेस की सरकारें कट, कमीशन और भ्रष्टाचार के आधार पर चलती थीं, जबकि डीलर, दलाल और दामाद राज करते थे।’’
भाजपा नेता ने कहा, “भाजपा सरकार में कोई डीलर या दलाल नहीं है और दामाद का सवाल ही नहीं है।”
ओआरओपी पर उन्होंने कहा, “इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक कांग्रेस ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग पूरी नहीं की, लेकिन आपने मोदी को प्रधानमंत्री बनाया और उन्होंने 2015 में ओआरओपी दिया।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस हमेशा सेना का अपमान करती है। यह कांग्रेस ही है, जिसने सेना प्रमुख को ‘गुंडा’ कहने का दुस्साहस किया। कांग्रेस ने कभी सेना का सम्मान नहीं किया।”
उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वे यह गलतफहमी फैला रहे हैं कि जिन अग्निवीरों को शामिल नहीं किया जाएगा, उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया जाएगा।
शाह ने कहा, “हरियाणावासियों, मैं यह वादा करता हूं कि एक भी अग्निवीर (जो सेना में शामिल नहीं होगा) पेंशन वाली नौकरी के बिना नहीं रहेगा, यह भाजपा का वादा है।”
उन्होंने कहा, “राहुल बाबा के पास अफवाह फैलाने के अलावा कोई और काम नहीं है।” उनका स्पष्ट इशारा कांग्रेस द्वारा ‘अग्निवीर’ मुद्दे को उठाने की ओर था।
अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह इसे वापस लाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर हमारा है या नहीं। अनुच्छेद 370 खत्म होना चाहिए था या नहीं। राहुल बाबा ने वहां कहा है कि वे अनुच्छेद 370 वापस लाएंगे। राहुल बाबा मैं इस (महान अहीर नेता) राव तुला राम की धरती से कह रहा हूं कि आप ही नहीं, आपकी तीसरी पीढ़ी भी अनुच्छेद 370 वापस नहीं ला सकती।”
उन्होंने कहा, “कश्मीर हमारा अपना है और कोई भी इस पर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।” हरियाणा में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पिछली रैलियों में भी शाह अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला करते रहे हैं।
शाह ने कहा, “वे कहते हैं कि वे सभी आतंकवादियों और पत्थरबाजों को जेल से रिहा कर देंगे। क्या मजाक बना रखा है। जम्मू कश्मीर में 40,000 लोग मारे गए। हमारी सेना के जवान शहीद हुए। और आप उन्हें (आतंकवादियों को) रिहा कर देंगे? राहुल बाबा, अगर आपमें हिम्मत है, तो हरियाणा में यह कहिए।”
शाह ने कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ मिलकर वे कहते हैं कि कश्मीर में तिरंगा नहीं, बल्कि कोई और झंडा फहराया जाएगा। राहुल बाबा वह समय चला गया। अब मोदी जी का राज है और कश्मीर में सिर्फ तिरंगा ही फहराया जाएगा।”
शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वोट बैंक के लालच में तुष्टिकरण में लगी हुई है। राम मंदिर मुद्दे पर राहुल गांधी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता की चार पीढ़ियों ने रामलला की मूर्ति को तंबू में रखा।
उन्होंने कहा, “केवल मोदी जी ने ही राम मंदिर का निर्माण कराया।”
राहुल गांधी की हालिया अमेरिका यात्रा का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि जब भी वह कुछ ‘ऊल जलूल (बेसिर-पैर का)’ कहना चाहते हैं, तो अमेरिका में बोलते हैं। शाह ने राहुल पर यह कहने का आरोप लगाया कि वह एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण खत्म कर देंगे।
उन्होंने कहा, “वे हम पर आरक्षण समाप्त करने का आरोप लगाते हैं और उन्होंने (राहुल ने) वहां (अमेरिका में) अंग्रेजी में कहा कि वे आरक्षण समाप्त कर देंगे।”
शाह ने कहा, “आप यह कैसे करेंगे? यह हमारी सरकार है। जब तक संसद में भाजपा का एक भी सांसद है, दलितों और पिछड़ों का आरक्षण समाप्त नहीं हो सकता।”
शाह ने कांग्रेस पर बी.आर. आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने उन्हें भारत रत्न नहीं देने दिया और उनके लिए स्मारक भी नहीं बनवाया।
उन्होंने हरियाणा की पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे आरक्षण श्रेणी में “उपयुक्त नहीं पाए जाने” का दावा करके लोगों को नौकरियों से वंचित करते थे।
उन्होंने कहा, “हमने सभी पिछड़ी जातियों को आरक्षण के दायरे में लाया। हमने ‘क्रीमी लेयर’ की सीमा बढ़ा दी।”
सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, “दलाल और डीलर नियुक्ति पत्र देते थे, जबकि भाजपा शासन में नौकरियां योग्यता के आधार पर दी गयीं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हरियाणा में समान विकास नहीं कर सकती। उन्होंने दावा किया कि जब भी कांग्रेस जीतती है, विकास केवल कुछ जिलों में होता है, जबकि अहीरवाल क्षेत्र के साथ “अन्याय” होता है।
उन्होंने उनकी पार्टी के चुनावी वादों के बारे में भी बताया, जिनमें ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह, 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर, सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस सुविधा और गरीबों के लिए पांच लाख घर शामिल हैं।
शाह ने पार्टी अनुशासन तोड़कर कुछ बागियों द्वारा निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का मुद्दा भी उठाया और लोगों से केवल भाजपा के चुनाव चिह्न पर लड़ रहे उम्मीदवारों को ही वोट देने की अपील की।
उन्होंने लोगों से रेवाड़ी में भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मण यादव, बावल में कृष्ण कुमार और कोसली में पार्टी प्रत्याशी अनिल यादव को विजयी बनाने की अपील की।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव पांच अक्टूबर को होंगे और नतीजे आठ अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
भाषा प्रशांत