जम्मू के पहाड़ी इलाकों पर आतंकवाद की छाया नहीं पड़ने देंगे: अमित शाह
शोभना अविनाश
- 26 Sep 2024, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
(तस्वीरों सहित)
बानी/जसरोटिया (जम्मू-कश्मीर), 26 सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार जम्मू के पहाड़ी इलाकों पर ‘‘आतंकवाद की छाया’’ भी नहीं पड़ने देगी और उसने इस खतरे से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए हैं साथ ही ग्राम रक्षा प्रहरियों (वीडीजी) को मजबूत किया है।
शाह की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों सहित जम्मू के कई पहाड़ी इलाकों में अप्रैल से आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि हुई है।
गृह मंत्री ने कठुआ जिले के बानी विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘पाकिस्तान जो चाहे करे, हम जम्मू के पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद की छाया नहीं पड़ने देंगे। हमने गांवों में वीडीजी और युवाओं को मजबूत किया है तथा आतंकवाद से लड़ने के लिए उन्हें इंसास राइफल दी हैं।’’
कठुआ में आठ जुलाई को माचेडी के सुदूर वन क्षेत्र में सेना के गश्ती दल पर आतंकवादियों ने घातक हमला किया था जिसमें एक जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) सहित पांच सैनिक शहीद हो गए थे।
शाह ने अपने भाषण की शुरुआत शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं कि आतंकवाद इस क्षेत्र में फिर से सिर न उठा सके।
शाह ने कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर उनके चुनावी वादों को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां पत्थरबाजों और आतंकवादियों को जेल से रिहा करने की बात कर रही हैं लेकिन ‘‘मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आतंकवादियों की सही जगह जेल है और हम किसी को भी उन्हें रिहा करने की इजाजत नहीं दे सकते।’’
उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि अगर भाजपा केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव जीतती है तो इसका जश्न पूरे देश में मनाया जाएगा।
उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर नेकां-कांग्रेस गठबंधन जीतता है तो पाकिस्तान में आतिशबाजी होगी। क्या आप चाहते हैं कि पाकिस्तान जश्न मनाए?’’
गृह मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल संविधान के अनुच्छेद 370 को बहाल करने और आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की बात कर रहे हैं लेकिन ‘‘हम ऐसा नहीं होने देंगे...।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर चुनाव में हाथ मिलाया है और कह रहे हैं कि ‘‘हमारी दोस्ती अमर है।’’
शाह ने कहा, ‘‘राहुल बाबा (कांग्रेस नेता राहुल गांधी) को यह नहीं पता कि (नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष) उमर अब्दुल्ला के दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला को उनकी दादी (पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी ने देशद्रोह के आरोप में जेल में डाला था।’’
उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला फिर से जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। शाह ने कहा, ‘‘दो चरणों के मतदान (18 सितंबर और 25 सितंबर) के बाद नेकां-कांग्रेस गठबंधन का सफाया हो गया है। आठ अक्टूबर को भाजपा जम्मू-कश्मीर में अगली सरकार बनाएगी।’’
उन्होंने अब्दुल्ला पर दो सीटों से चुनाव लड़ने के लिए कटाक्ष किया। दरअसल पहले, अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बने रहने तक चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था हालांकि अब वह दो सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
शाह ने कहा कि यह डर का नतीजा है।
शाह ने कहा, ‘‘डर के कारण, उन्होंने कहा था कि जब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं हो जाता तब तक वह चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया और गांदरबल से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। फिर हार के डर से उन्होंने दूसरी सीट (बड़गाम) से नामांकन दाखिल किया।’’
शाह ने कठुआ जिले के जसरोटिया विधानसभा क्षेत्र में भी एक चुनावी रैली को संबोधित किया।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों की ओर शांति का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि वे हथियार छोड़ दें और सरकार के साथ बातचीत के लिए आगे आएं या फिर सुरक्षा बलों के हाथों सफाए के लिए तैयार रहें।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने जसरोटिया में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘वोट बैंक की राजनीति के लिए वे (विपक्षी दल) आतंकवादियों से बातचीत की मांग कर रहे हैं। अगर वे बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें हथियार छोड़कर आगे आना चाहिए। पूर्वोत्तर में 10,000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है।’’
उधमपुर और कठुआ जिलों में शाह की यह चौथी रैली थी।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘ हथियार छोड़ो और बातचीत के लिए आओ, अन्यथा हमारी सेना तुम्हें ढूंढ निकालेगी।’’ उन्होंने आतंकवाद को पाताल में दफनाने का संकल्प लिया।
शाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मतदान के पहले दो चरण (18 सितंबर और 25 सितंबर) संपन्न हो चुके हैं और रिकॉर्ड 55 प्रतिशत मतदान हुआ है। वह समय चला गया जब आप कुछ हजार वोट से चुने जाते थे।’’
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘नेकां और कांग्रेस ने 40 साल तक आतंकवाद को संरक्षण दिया... हमने आतंकवाद को खत्म किया और जम्मू-कश्मीर के लिए विकास के नए रास्ते खोले हैं जो देश के अन्य हिस्सों के साथ आगे बढ़ रहा है। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक आतंकवाद को पाताल में दफन नहीं कर दिया जाता।’’
भाषा
शोभना