सांगली, माढा में वंशवाद, आपसी दुश्मनी, सत्तारूढ़ गठबंधन, एमवीए के लिए बनी सिरदर्द
गोला नरेश
- 24 Mar 2024, 06:19 PM
- Updated: 06:19 PM
(निखिल देशमुख)
मुंबई, 24 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ ही महा विकास आघाडी (एमवीए) सांगली, माढा जैसी कुछ लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने में कई दिक्कतों का सामना कर रहे हैं जिसके कारण राज्य में बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
एक राजनीतिक विश्लेषक ने रविवार को बताया कि इनमें से सबसे प्रमुख सांगली सीट है जो 1962 से 2014 तक कांग्रेस का गढ़ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए संजयकाका पाटिल ने 2014 में यह सीट कांग्रेस से छीन ली थी। उन्होंने आंशिक तौर पर भाजपा के छद्म उम्मीदवार गोपाल पडलकर के कारण 2019 में फिर से इस सीट पर जीत हासिल की थी।
उन्होंने बताया कि संजयकाका पाटिल को पांच लाख से अधिक वोट मिले थे जबकि स्वाभिमानी पक्ष के विशाल पाटिल और पडलकर को तीन-तीन लाख वोट मिले थे।
राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि विशाल पाटिल महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री वसंतदादा पाटिल के परिवार से हैं। राकांपा संस्थापक शरद पवार ने वसंतदादा पाटिल के खिलाफ बगावत की थी और 1978 में राज्य का सर्वोच्च पद हासिल किया था जिसके कारण दोनों परिवारों में शत्रुता है।
विशाल पाटिल के एक करीबी सहयोगी ने बताया, ‘‘2019 में भाजपा सांसद संजयकाका पाटिल के खिलाफ व्यापक पैमाने पर असंतोष था और शरद पवार यह जानते थे। लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण पवार ने प्रदेश कांग्रेस नेताओं को सांगली लोकसभा सीट स्वाभिमानी पक्ष को देने के लिए मना लिया, जो इस क्षेत्र में कम चर्चा में रहने वाली पार्टी है। कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ने वाले विशाल पाटिल को तब स्वाभिमानी पक्ष के कम पहचाने जाने वाले चिह्न (क्रिकेट बल्ला) पर चुनाव लड़ना पड़ा था लेकिन फिर भी उन्हें तीन लाख वोट मिले थे।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘इस बार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने कांग्रेस से विचार-विमर्श किए बगैर अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। ऐसे कदम भाजपा प्रत्याशी के लिए मुकाबला आसान बना देते हैं।’’
इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, ‘‘शिवसेना ने कोल्हापुर जिले (2019) में दोनों लोकसभा क्षेत्रों पर जीत हासिल की थी। इस बार, हमने कोल्हापुर संसदीय सीट कांग्रेस और हातकणंगले सीट किसान नेता राजू शेट्टी को दी है। अगर हम सांगली सीट पर दावा नहीं जताते तो पश्चिम महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के लिए कोई सीट नहीं बचती।’’
माढा लोकसभा क्षेत्र में स्थिति और जटिल है, जिसके तहत चार विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
सातारा जिले में फलटण विधानसभा सीट से प्रतिष्ठित रामराजे निम्बालकर परिवार और सोलापुर में मालशिरस विधानसभा सीट से विजयसिंह मोहिते पाटिल परिवार ने रंजीतसिंह नाइक निम्बालकर की उम्मीदवारी पर नाखुशी जतायी है।
रामराजे अभी अजित पवार नीत राकांपा से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य हैं जबकि मोहिते पाटिल परिवार भाजपा के साथ है। विजयसिंह मोहिते पाटिल के बेटे रंजीतसिंह भी विधान परिषद सदस्य हैं।
पत्रकारों से बातचीत में भारतीय शेतकारी कामगार पक्ष (पीडब्ल्यूपी) नेता जयंत पाटिल ने कहा, ‘‘माढा के नतीजे हैरान कर सकते हैं। काफी बातचीत की जा रही है।’’
रामराजे नाइक-निम्बालकर का उम्मीदवार बदलने पर जोर देते हुए एक वीडियो भी वायरल हो गया है।
भाषा गोला