यह चुनाव जम्मू-कश्मीर की स्थिरता और भारत को मजबूत करने के लिए : नड्डा
धीरज नरेश
- 22 Sep 2024, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
(तस्वीरों के साथ)
जम्मू, 22 सितंबर (भाषा)केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव न केवल क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए बल्कि पूरे भारत की स्थिरता के लिए अहम है।
भाजपा अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म करके और जनहितैषी शासन देकर भारत के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है।
जम्मू शहर में रविवार शाम को आयोजित रोड शो में नड्डा ने कहा, ‘‘यह सिर्फ भाजपा या किसी अन्य पार्टी के लिए चुनाव नहीं है। यह जम्मू-कश्मीर की स्थिरता और भारत को मजबूत बनाने के लिए चुनाव है। यह विधायक बनाने का चुनाव नहीं है। यह आशीर्वाद देने का चुनाव नहीं है। यह जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा में लाएगा, यह जम्मू-कश्मीर को स्थिरता देगा।’’
जम्मू पूर्व में भाजपा प्रत्याशी युद्धवीर सेठी के समर्थन में प्रचार करने आए नड्डा ने कहा,‘‘यह राष्ट्रवादी ताकतों और विघटनकारी ताकतों के बीच का चुनाव है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि राष्ट्रवादी ताकतें जीतेंगी और विघटनकारी और विभाजनकारी ताकतों को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। यह चुनाव न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की स्थिरता सुनिश्चित करेगा।’’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के साथ दशकों से चले आ रहे अन्याय को खत्म करने और इसे विकास की राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने का भी चुनाव है।
भाजपा अध्यक्ष ने यहां बुद्धिजीवियों की बैठक को भी संबोधित किया। उन्होंने लोकतंत्र में लोगों के उत्साह की सराहना की क्योंकि चुनाव के पहले चरण में बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव के पहले चरण में बिना किसी भय के 60 प्रतिशत मतदान हुआ। वहां पहले आठ प्रतिशत मतदान होता था और सेना उन्हें (सुरक्षा वाले लोगों को) मतदान के लिए ले जाती थी, वहां यह आंकड़ा साठ फीसदी था। इस बार लोग कितने उत्साह से मतदान कर रहे हैं, हमें उम्मीद है कि यह अन्य चरणों में अधिक होगा।’’
राज्य में लागू अनुच्छेद 370 की वजह से पूर्व में कुछ समुदायों द्वारा किए गए संघर्षों को रेखांकित करते हुए नड्डा ने वाल्मिकी समुदाय और बंटवारे के समय पाकिस्तान से आए शरणार्थियों की दुर्दशा को याद किया, जिन्हें जम्मू-कश्मीर में बुनियादी अधिकारों से वंचित कर दिया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘वाल्मीकि समुदाय को केवल सफाई कर्मी का काम करने की अनुमति थी। वे वोट नहीं दे सकते थे या राज्य की सूची में मान्यता प्राप्त नहीं कर सकते थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तरह 1947 में पाकिस्तान से आए यहां आए शरणार्थी विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकते थे।’’
नड्डा ने जम्मू-कश्मीर में ‘दो विधान, दो निशान दो प्रधान’ की प्रणाली को समाप्त करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा की।
नड्डा ने कहा, ‘‘यह भाजपा और भारतीय जनसंघ (बीजेएस) थे जिन्होंने ‘एक देश, एक विधान और एक निशान’की मांग की थी।मोदी जी के नेतृत्व में वह संकल्प पूरा हुआ। अब, गुज्जरों और पहाड़ियों को आरक्षण प्राप्त है, और वाल्मिकी समुदाय के बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ सकते हैं। वे अब सरकारी नौकरियों की आकांक्षा कर सकते हैं।’’
भाजपा अध्यक्ष ने जोर दिया कि पार्टी का जम्मू के साथ गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के नायक पंडित प्रेम नाथ डोगरा भारतीय जनसंघ के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, जिसे बाद में भाजपा कहा गया।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। भारतीय जनसंघ के गठन के एक साल बाद 1953 में जम्मू-कश्मीर में ‘दो विधान, दो निशान, दो प्रधान’ के खिलाफ शाम प्रसाद मुखर्जी ने पहला आंदोलन शुरू किया था। उन्हें जून 1953 में लखनपुर से गिरफ्तार किया गया और उन्होंने श्रीनगर की एक जेल में अपनी जान दे दी।’’
नड्डा ने कहा कि ऐसे कृत्य का जवाब भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पांच अगस्त 2019 को भारत की संसद में अनुच्छेद 370 को हटाकर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी 1992 में मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में एक रैली में हिस्सा लेने के लिए जम्मू आए थे। उन्होंने कहा था कि वे लाल चौक जाएंगे और एक दिन, हम अनुच्छेद 370 को हटा देंगे। उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाकर अपना वादा पूरा किया।’’
भाजपा अध्यक्ष ने कश्मीर के ‘शाही परिवारों’की निंदा की और उन पर भ्रष्टाचार और क्षेत्र में प्रगति में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये परिवार अब्दुल्ला, मुफ्ती और गांधी हैं जिन्होंने बैंकिंग, बिजली क्षेत्र और यहां तक कि क्रिकेट संघ में घोटालों को बढ़ावा दिया। वे 1990 के दशक के काले दिनों को वापस लाना चाहते हैं।’’
नड्डा ने आगाह किया कि ये राजनीतिक ताकतें नियंत्रण रेखा पार व्यापार को फिर से शुरू करने की वकालत कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इसका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के लिए किया गया था।
उन्होंने कहा,‘‘व्यापार की आड़ में आतंकवाद पनप रहा था। आप जानते हैं कि कैसे एलओसी व्यापार मार्ग से हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी की जा रही थी। व्यापार के नाम पर आतंकवाद जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर रहा था। लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद में भारी कमी आई है और घटनाओं में कमी आई है। आज कोई भी आतंकवादी एक सप्ताह से अधिक जीवित नहीं रह सकता। फिर भी, वे आतंकवादियों को रिहा करना चाहते हैं और अनुच्छेद 370 को बहाल करना चाहते हैं। यदि आप शांति चाहते हैं, तो शाम लाल शर्मा को चुनें।’’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वे मुहब्बत की दुकानों में नफरत बेचने की कोशिश कर रहे हैं। वे एक संप्रदाय को दूसरे संप्रदाय के खिलाफ और एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं और अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए समाज को विभाजित कर रहे हैं। लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे।’’
उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म करके और जन हितैषी शासन देकर भारत के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है।
नड्डा ने कहा, ‘‘जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब जातिवाद, संप्रदायवाद, वोट-बैंक की राजनीति, बांटो और राज करो, वंशवादी राजनीति और भ्रष्टाचार था। यह उस दिन का क्रम था।’’
उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद मोदी ने राजनीति में बड़ा बदलाव लाया और जन हितैषी, सुशासन, उत्तरदायी शासन और जवाबदेह शासन और रिपोर्ट कार्ड की राजनीति को जन्म दिया।
नड्डा ने आगाह करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 की वापसी की मांग करने वाले जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य को आतंकवाद में धकेल देंगे।
आतंकवादियों की रिहाई और पाकिस्तान से बातचीत दोबारा शुरू करने पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मोदी के शासन में ऐसा कभी नहीं होगा और उन्हें कभी रिहा नहीं किया जाएगा।’’
जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश को फिर से राज्य का दर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाषा धीरज